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ईरान के हमलों के पीछे यूएई और इजरायल की बढ़ती नजदीकी

ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात पर हमलों की संख्या बढ़ा दी है, जिसका मुख्य कारण इजरायल के साथ उसकी बढ़ती मित्रता है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हालिया यात्रा ने इस स्थिति को और जटिल बना दिया है। यूएई ने इस यात्रा का खंडन किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह सऊदी अरब की नाराजगी से बचना चाहता है। जानें इस तनाव के पीछे के कारण और ईरान की प्रतिक्रिया के बारे में।
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ईरान के हमलों के पीछे यूएई और इजरायल की बढ़ती नजदीकी

ईरान के हमले और यूएई का प्रतिशोध

अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के बीच, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर सबसे अधिक हमले किए हैं। यह सवाल उठता है कि ईरान यूएई के प्रति इतना प्रतिशोध क्यों दिखा रहा है। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की एक पोस्ट ने इस स्थिति को स्पष्ट कर दिया है। यूएई पर 550 बैलिस्टिक मिसाइल और 2200 से अधिक ड्रोन हमलों का मुख्य कारण इजरायल के साथ उसकी बढ़ती मित्रता है।


इजरायल के प्रधानमंत्री की यूएई यात्रा

बुधवार की रात, इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक पोस्ट में बताया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुप्त रूप से यूएई का दौरा किया और वहां के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। यह पहली बार था जब नेतन्याहू ने यूएई की यात्रा की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार की। इस पोस्ट के बाद, इस ऐतिहासिक घटना पर वैश्विक चर्चा शुरू हो गई।


यूएई का खंडन

इजरायल की पोस्ट के कुछ समय बाद, यूएई ने अपने पक्ष को स्पष्ट किया और इजरायल के दावे का खंडन किया। यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनके संबंध इजरायल के साथ सार्वजनिक हैं और अब्राहम समझौते के तहत संचालित होते हैं, न कि किसी गुप्त समझौते के आधार पर।


अब्राहम समझौता और नेतन्याहू की यात्रा

इजरायल और यूएई के बीच 2020 में अब्राहम समझौता हुआ था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य हो गए थे। हालांकि, नेतन्याहू ने यूएई का दौरा नहीं किया था। एक सूत्र के अनुसार, नेतन्याहू और बिन जायद ने 26 मार्च को ओमान सीमा के निकट अल-ऐन शहर में मुलाकात की थी।


यूएई और इजरायल के बीच सहयोग

यूएई और इजरायल के बीच इन क्षेत्रों में सहयोग

  • समन्वित हमले
  • खुफिया जानकारी
  • ड्रोन और मिसाइल का पता लगाना
  • ईरानी लक्ष्यों का चयन करना


यूएई की चिंताएँ

यूएई नेतन्याहू की यात्रा का खंडन क्यों कर रहा है, यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। वर्तमान में, सऊदी अरब के साथ यूएई के रिश्ते भी अच्छे नहीं हैं। यदि यूएई नेतन्याहू की यात्रा को स्वीकार करता है, तो उसे रियाद की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है।


ईरान का दृष्टिकोण

ईरान खाड़ी क्षेत्र में यूएई को इजरायल का सबसे बड़ा सहयोगी मानता है। ईरान ने यूएई पर अपने हमलों के पीछे अमेरिकी सैन्य अड्डों को कारण बताया है। यदि यूएई नेतन्याहू की यात्रा को स्वीकार करता, तो ईरान को उस पर हमला करने का एक और कारण मिल सकता था।


अलग-थलग पड़ने का डर

खाड़ी देशों में केवल यूएई के अलावा किसी अन्य देश के इजरायल के साथ अच्छे संबंध नहीं हैं। गाजा युद्ध के मामले में सऊदी अरब, कतर और कुवैत ने इजरायल की आलोचना की है। यूएई ने इजरायल की सार्वजनिक निंदा नहीं की है, और नेतन्याहू की यात्रा को स्वीकार करने पर वह खाड़ी देशों में अलग-थलग पड़ने का डर भी रखता है।


ईरानी विदेश मंत्री का बयान

"ईरान के महान लोगों से दुश्मनी मोल लेना एक मूर्खतापूर्ण जुआ है। ऐसा करने में इजरायल के साथ मिलीभगत करना अक्षम्य है। इजरायल के साथ मिलकर फूट डालने की साजिश रचने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।" अब्बास अराघची, ईरानी विदेश मंत्री।