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ईरान को अमेरिका-इजरायल के हमले का बड़ा झटका: मेजर जनरल माजिद खादेमी शहीद

अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों ने ईरान को एक बड़ा झटका दिया है, जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी शहीद हो गए। इस हमले में 25 से अधिक लोग मारे गए हैं। ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए एक कड़ा अल्टीमेटम दिया है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और ईरान की प्रतिक्रिया।
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ईरान को अमेरिका-इजरायल के हमले का बड़ा झटका: मेजर जनरल माजिद खादेमी शहीद

ईरान पर संयुक्त हमले का प्रभाव


अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों ने ईरान को एक और गंभीर झटका दिया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी इस हमले में शहीद हो गए हैं। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर इस घटना की पुष्टि की है। इस हमले में 25 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें IRGC का एक उच्च अधिकारी भी शामिल है।


खुफिया प्रमुख की शहादत

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक पोस्ट में बताया कि मेजर जनरल माजिद खादेमी, जो कि खुफिया संगठन के प्रमुख थे, अमेरिकी-इजरायली दुश्मनों द्वारा किए गए आतंकवादी हमले में शहीद हो गए। ईरानी मीडिया ने भी इस हमले में मारे गए लोगों में खादेमी का नाम शामिल किया है।


सीजफायर के प्रयासों के बावजूद हमले

सीजफायर की कोशिशों के बीच, सोमवार को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमलों की एक श्रृंखला को अंजाम दिया। इन हमलों में 25 से अधिक लोगों की जान गई। ईरान की सरकारी मीडिया ने इस बात की पुष्टि की है कि मारे गए लोगों में IRGC के वरिष्ठ खुफिया अधिकारी भी शामिल हैं।


ट्रंप का कड़ा अल्टीमेटम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए एक बार फिर से कड़ा अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे तक का समय देते हुए चेतावनी दी है। उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा, "ईरान में मंगलवार का दिन 'पावर प्लांट' और 'ब्रिज डे' के रूप में जाना जाएगा, जो अपनी तरह का अनोखा होगा। इस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत खोलो, वरना नरक जैसी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहो - बस देखते जाओ! अल्लाह की जय हो।"


ट्रंप ने पहले भी ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने की चेतावनी दी है, लेकिन ईरान का कहना है कि उसके मित्र देशों के लिए यह जलमार्ग पूरी तरह से खुला है।