ईरान द्वारा भारतीय जहाजों पर कब्जा: भारत की प्रतिक्रिया और सुरक्षा स्थिति
ईरान ने भारतीय जहाजों पर कब्जा किया
हाल ही में, ईरान ने एक जहाज, एपामिस, को अपने नियंत्रण में ले लिया है, जिससे स्थिति में तनाव बढ़ गया है। भारत ने इस मामले में जानकारी दी है कि जहाज पर सवार भारतीय चालक दल के सदस्य पूरी तरह से सुरक्षित हैं। भारत का कहना है कि ये जहाज विदेशी हैं, इसलिए उनके बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। दो विदेशी जहाजों पर फायरिंग की गई थी, जिसमें कुछ भारतीय नाविक भी शामिल थे। भारत ने ईरान सरकार के साथ बातचीत जारी रखी है ताकि अन्य जहाजों को सुरक्षित रूप से भारत लाया जा सके।
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, तीन कंटेनर जहाजों पर कब्जा किया गया है, जिसमें लाइबेरिया के झंडे वाला एपांडोस, पनामा के झंडे वाला एमएससी फ्रांसका और यूफोरिया शामिल हैं। आईआरजीसी के जवान इन जहाजों को अपने नियंत्रण में लेते हुए देखे गए। भारत ने पुष्टि की है कि भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित हैं और दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।
नई दिल्ली में, भारत और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है, जिसमें भारत की साउथ सेक्रेटरी डॉ. नीना मल्होत्रा ने ईरान के राजदूत से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए निरंतर संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश दिया है कि ईरान के जहाजों को, जो हारमूस जलडमरूमध्य में माइन बिछाने या अन्य जहाजों पर हमले की कोशिश कर रहे हैं, को समाप्त किया जाए। इस प्रकार, हारमूस में तनाव बना हुआ है, जबकि भारत और ईरान अपने-अपने मुद्दों को सुलझाने में लगे हुए हैं।
