ईरान द्वारा भारतीय जहाजों पर फायरिंग: भारत की प्रतिक्रिया
ईरान ने हाल ही में भारतीय जहाजों पर फायरिंग की, जिससे भारत सरकार की चिंता बढ़ गई है। इस घटना के बाद, भारतीय विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत को तलब किया। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और भारत-ईरान के संबंधों पर इसका प्रभाव।
| Apr 20, 2026, 12:23 IST
ईरान की कार्रवाई पर भारत की चिंता
हाल ही में, ईरान ने पाकिस्तान के प्रमुख जनरल असीम मुनीर के साथ संबंधों को मजबूत किया, जबकि दूसरी ओर, उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग की। इस घटना के बाद, ईरान ने यह दावा किया कि यह सब कुछ एक भ्रम में हुआ। जब ईरान ने भारतीय जहाज पर गोलीबारी की, तब जहाज के कप्तान ने ईरान को एक ऑडियो संदेश भेजा। यह फायरिंग उस समय हुई जब ईरान ने अमेरिकी नाकाबंदी के जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद करने की घोषणा की। उस समय, दो जहाज भारत की ओर बढ़ रहे थे, जिन्हें आने की अनुमति भी थी, फिर भी ईरानी सैनिकों ने उन पर गोली चला दी।
घटना के बाद की स्थिति
इन जहाजों को अपना मार्ग बदलकर पश्चिम की ओर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। इन जहाजों में 20 लाख बैरल इराकी तेल लदा था। यह ध्यान देने योग्य है कि भारत सरकार ने ईरान को दो बार बड़ी मात्रा में राहत सामग्री भेजी है, फिर भी ईरान ने भारतीय जहाज पर गोलीबारी की। इस घटना के बाद, भारतीय विदेश मंत्रालय ने तुरंत ईरान के राजदूत को तलब किया और उनसे इस घटना के कारणों के बारे में पूछा।
ईरान के सैनिकों से बातचीत
जहाज के कप्तान ने ईरानी सैनिकों से कहा कि आपने मुझे जाने की अनुमति दी थी, फिर भी आप मेरे जहाज पर गोली चला रहे हैं। उन्होंने ईरान से अनुरोध किया कि उन्हें वापस जाने दिया जाए। क्या यह नहीं कहा जा सकता कि ईरान ने भारत के साथ विश्वासघात किया है? यह सच है कि भारत और ईरान के बीच एक पुराना संबंध रहा है, लेकिन इस्लाम के प्रभाव में आने के बाद, दोनों देशों के संबंध केवल व्यापारिक रह गए हैं। जब कोई व्यक्ति ईरान की गलतियों को नजरअंदाज करते हुए कहता है कि हमारे संबंध पुराने हैं, तो आपको उन्हें यह बताना चाहिए कि हम ईरान की गद्दारी को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
