ईरान ने अरब देशों से अमेरिका-ईरान संघर्ष के लिए मुआवजे की मांग की
ईरान की मुआवजे की मांग
ईरान ने बहरीन, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन से अमेरिका-ईरान संघर्ष में 'समर्थन' देने के लिए मुआवजे की मांग की है। ईरान के राजदूत अमीर-सईद इरावानी ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष जमाल फारेस अलरोवाई को पत्र लिखकर इन पांच अरब देशों से मुआवजे की मांग को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में ये देश ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा का अधिकार नहीं ले सकते, क्योंकि उन्होंने अमेरिका-इजराइल के आक्रमण को बढ़ावा दिया है।
इटली ने इज़राइल के साथ रक्षा समझौता निलंबित किया
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने मंगलवार को इज़राइल के साथ रक्षा समझौते को निलंबित करने की घोषणा की, जिसमें सैन्य उपकरणों और प्रौद्योगिकी अनुसंधान का आदान-प्रदान शामिल था। मेलोनी ने वेरोना में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए, सरकार ने इस समझौते के स्वतः नवीनीकरण को निलंबित करने का निर्णय लिया है।
शांति वार्ता की आवश्यकता
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, मेलोनी ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति वार्ता जारी रखना आवश्यक है। इसके साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर भी विचार किया जा रहा है।
कतर और ईरान के बीच कोई बातचीत नहीं
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के हमलों को रोकने के लिए धनराशि के भुगतान को लेकर कतर और ईरान के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। माजिद अल-अंसारी ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि पाकिस्तान और अमेरिका के साथ उच्च स्तरीय समन्वय है, और हमारी मांगें इन्हीं माध्यमों से उठाई जा रही हैं।
फ्रांस और ब्रिटेन का सम्मेलन
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर शुक्रवार को पेरिस में एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करेंगे। इस सम्मेलन में वे देश शामिल होंगे जो होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने के लिए बहुपक्षीय रक्षा मिशन में योगदान देने के इच्छुक हैं।
