ईरान ने ट्रंप के दावों को किया खारिज, समझौते पर स्थिति स्पष्ट
ईरान का स्पष्ट बयान
नई दिल्ली: ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को नकार दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान के साथ एक समझौते पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। ईरान ने स्पष्ट किया है कि संघर्ष समाप्त करने के लिए अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बनी है और देश किसी भी बाहरी दबाव में निर्णय नहीं लेने वाला है। यह जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी द्वारा दी गई है।
ट्रंप के दावे पर ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने सरकारी टेलीविजन पर कहा, "तेहरान ने 47 साल पहले 'जरूरी' की भाषा को अलविदा कह दिया है। पश्चिमी देशों में से कोई भी पक्ष ईरान के बारे में बात करते समय 'जरूरी' की भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकता। हम अपने फैसले ईरानी राष्ट्र के हितों और अधिकारों के आधार पर लेते हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक संघर्ष समाप्त करने के लिए कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है और ईरान किसी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा।
ट्रंप का समझौते का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य में लागू नौसैनिक नाकाबंदी को हटाया जा रहा है और ईरान के साथ समझौते पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
ट्रंप ने कहा, "हमारी अद्भुत और अभूतपूर्व नौसैनिक नाकाबंदी, जिसे अब हटाया जा रहा है, के कारण जलडमरूमध्य में फंसे जहाज 'घर लौटने' की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं! अपने प्रिय राष्ट्रपति की ओर से अपनी पत्नियों, पतियों, माता-पिता और परिवारों को नमस्कार कहिएगा!"
अमेरिकी समुद्री उपायों पर ईरान की आपत्ति
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इस्माइल बगाई ने अमेरिकी समुद्री उपायों को "शुरू से ही अवैध" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कदमों ने 8 अप्रैल को लागू हुए युद्धविराम और अंतरराष्ट्रीय नौवहन सिद्धांतों का उल्लंघन किया है।
बगाई ने कहा, "हमें व्यवहार में देखना होगा कि वे वास्तव में अपने शब्दों पर अमल करेंगे या यह सिर्फ एक प्रचार का दावा है।"
उन्होंने आगे कहा कि इन उपायों को वापस लेना उस कार्रवाई को समाप्त करने जैसा होगा जो "शुरू से ही नहीं की जानी चाहिए थी।"
ईरान का नियंत्रण बढ़ाने का कारण
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष और उसके बाद ईरानी जहाजों व बंदरगाहों को निशाना बनाने वाले अमेरिकी कदमों के कारण ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने नियंत्रण को और सख्त कर दिया था।
युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन
बगाई ने कहा कि तेहरान अमेरिकी कार्रवाइयों को युद्धविराम की शर्तों के खिलाफ मानता है। उनका दावा है कि कुछ उपायों को वाशिंगटन ने एकतरफा तरीके से आगे बढ़ाया है।
उन्होंने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थों के माध्यम से अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है। इन वार्ताओं में शत्रुता समाप्त करने, समुद्री विवादों को सुलझाने और विदेशों में मौजूद ईरानी संपत्तियों से जुड़े मामलों पर चर्चा हो रही है।
परमाणु मुद्दे पर ईरान का रुख
समझौते के सबसे अहम विषयों में शामिल परमाणु कार्यक्रम पर बगाई ने स्पष्ट कहा, "परमाणु मुद्दे पर हमारी कोई बातचीत नहीं चल रही है।"
