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ईरान ने पाकिस्तान में शांति वार्ता में भाग लेने से किया इनकार

मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। ईरान ने पाकिस्तान में चल रही शांति वार्ता में भाग लेने से इनकार कर दिया है, जो अमेरिका की धमकियों के बीच आया है। ईरानी संसद के स्पीकर ने ट्रंप को चेतावनी दी है कि अमेरिका वार्ता को समर्पण की मेज में बदलने की कोशिश कर रहा है। इस स्थिति ने खाड़ी देशों और अन्य देशों के लिए संकट को और बढ़ा दिया है। ईरान ने युद्ध के मैदान में नए कदम उठाने की तैयारी की है, जिससे तनाव और बढ़ सकता है।
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ईरान ने पाकिस्तान में शांति वार्ता में भाग लेने से किया इनकार

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव

मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। हाल ही में, ईरान ने पाकिस्तान में चल रही शांति वार्ता में शामिल होने से मना कर दिया है। यह निर्णय अमेरिका की ओर से मिल रही धमकियों के बीच लिया गया है। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दूसरा दौर आयोजित होने वाला है।


ईरान की नाराजगी

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगातार दी जा रही धमकियों और होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नाकेबंदी के कारण ईरान में असंतोष बढ़ रहा है। इसी कारण से ईरान ने पाकिस्तान जाने से इनकार किया है। इस स्थिति ने खाड़ी देशों और अन्य कई देशों के लिए संकट को और बढ़ा दिया है।


गालिबफ का सख्त बयान

ट्रंप ने इस्लामाबाद में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भेजने की योजना बनाई है, लेकिन ईरान की स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने ट्रंप को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका इस वार्ता को 'समर्पण की मेज' में बदलने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि तनाव बढ़ता है, तो ईरान युद्ध के मैदान में नए कदम उठाने के लिए तैयार है।


ईरान की तैयारी

गालिबफ ने यह भी कहा कि ईरान ने पिछले दो हफ्तों में युद्ध के मैदान में नए कदम उठाने की तैयारी की है, जो कूटनीतिक वार्ता के भविष्य को लेकर बढ़ती अनिश्चितता का संकेत है।


ट्रंप की रणनीति पर सवाल

गालिबफ ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वह रास्ता रोककर और सीजफायर तोड़कर इस बातचीत को अपने अनुसार समर्पण की मेज में बदलना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान धमकियों के साये में बातचीत नहीं करेगा और पिछले दो हफ्तों में उसने युद्ध के मैदान में नए कदम उठाने की तैयारी की है।


होर्मुज स्ट्रेट पर स्थिति

सोमवार को अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास एक ईरानी कार्गो जहाज को अपने कब्जे में ले लिया था। ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, अमेरिका के नियमों का पालन न करने के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही में कमी आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 12 घंटों में केवल तीन जहाज ही होर्मुज से गुजरे हैं।


मिलिशिया समूह की चेतावनी

इस बीच, इराक समर्थित एक सशस्त्र समूह ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी है। सरया अवलिया अल-दाम के कमांडर अबू महदी अल-जाफरी ने कहा कि उनके लड़ाके सैन्य ऑपरेशन फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि समूह ने इराक और आसपास के क्षेत्रों में पहले ही 200 से अधिक हमले किए हैं।