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ईरान ने संघर्ष विराम की घोषणा की, स्थायी समाधान की उम्मीद

ईरान में संघर्ष विराम की घोषणा के बाद, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। ईरानी सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता था और परमाणु हथियारों के खिलाफ है। उन्होंने अमेरिका के संघर्ष विराम की मजबूरी के पीछे के कारणों को भी स्पष्ट किया। क्या यह संघर्ष विराम स्थायी समाधान की ओर ले जाएगा? जानें इस महत्वपूर्ण बातचीत में।
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ईरान ने संघर्ष विराम की घोषणा की, स्थायी समाधान की उम्मीद

संघर्ष विराम की घोषणा पर प्रतिक्रिया

नई दिल्ली - ईरान में संघर्ष विराम की घोषणा को व्यापक प्रशंसा मिल रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने इस संबंध में एक आधिकारिक पोस्ट के माध्यम से जानकारी साझा की। ईरान ने भी दो सप्ताह की अस्थायी सहमति की बात कही है। बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में कई सवाल उठ रहे हैं। भारत में ईरानी सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि, डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने ईरान की सोच और प्रयासों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने एक मीडिया चैनल के साथ बातचीत में स्पष्ट किया कि ईरान युद्ध नहीं चाहता था और वे कभी भी परमाणु हथियारों के समर्थक नहीं रहे हैं।


संघर्ष विराम के पीछे की वजहें

डॉ. इलाही का मानना है कि अमेरिका संघर्ष विराम के लिए मजबूर हुआ। उन्होंने इसके पीछे की वजहें भी बताईं। उन्होंने कहा, "अमेरिका को संघर्ष विराम की घोषणा करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि वे युद्ध जारी नहीं रख सकते थे। पिछले 41 दिनों में, वे युद्ध रोकना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं कर सके। अंततः, जब उन्हें यह एहसास हुआ कि वे इस युद्ध को जारी नहीं रख सकते और हारने की संभावना है, तो उन्होंने सीजफायर की घोषणा की।"


स्थायी समाधान की संभावना

जब उनसे पूछा गया कि क्या संघर्ष विराम से स्थायी समाधान संभव है, तो डॉ. इलाही ने कहा, "अगर वे हमारी शर्तें मान लेते हैं, तो हां, यह युद्ध का अंत होगा।"


परमाणु हथियारों पर ईरान का दृष्टिकोण

अमेरिका के आरोपों पर कि ईरान यूरेनियम संवर्धन में लगा है, डॉ. इलाही ने कहा, "हमारे सुप्रीम लीडर ने पहले ही स्पष्ट किया था कि परमाणु हथियार हमारे धर्म के अनुसार हराम हैं। हम इन्हें नहीं चाहते और भविष्य में भी नहीं चाहेंगे।"


क्षेत्रीय संकट के कारण

इलाही ने कहा कि संकट तब से शुरू हुआ जब अमेरिका ने इस क्षेत्र में हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा, "अमेरिका हम पर सीधे हमला नहीं करता, बल्कि इसके लिए वे अरब देशों में अपने बेस का इस्तेमाल करते हैं।"


दुनिया की जिम्मेदारी

ईरान को उम्मीद है कि दुनिया समझ चुकी है कि इस क्षेत्र में संघर्ष का नुकसान केवल एक देश को नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को होगा। उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि यह वैश्विक संकट समाप्त होगा, लेकिन अन्य देशों को यह समझना होगा कि अगर फारस की खाड़ी में युद्ध होता है, तो उन्हें भी नुकसान होगा।"