ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए नए नेविगेशन निर्देश जारी किए
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए नए नेविगेशन निर्देश जारी किए हैं, जो समुद्री बारूदी सुरंगों के खतरे से सुरक्षा प्रदान करते हैं। यह कदम ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच संभावित वार्ता से पहले उठाया गया है। हालिया घटनाक्रमों में इजराइल के लेबनान पर हवाई हमले और ईरान द्वारा जलडमरूमध्य को बंद करने के निर्णय ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। जानें इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव के बारे में अधिक जानकारी।
| Apr 9, 2026, 16:28 IST
ईरान के नए निर्देश
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नेविगेशन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य समुद्री बारूदी सुरंगों के खतरों से जहाजों की सुरक्षा करना है। ये नए नक्शे महत्वपूर्ण जलमार्ग में निर्दिष्ट मार्गों के माध्यम से जहाजों के आवागमन को निर्देशित करते हैं, जो कि विश्व के तेल की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा हैं। हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि क्या होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से जहाजों के लिए खुला है या नहीं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने लेबनान पर इजरायल के हमलों के विरोध में इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को बंद कर दिया है, जिसे तेहरान अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन मानता है।
चार्ट और सुरक्षा उपाय
आईएसएनए और तस्नीम समाचार एजेंसी द्वारा जारी चार्ट में पोतों के लिए उपयोग किए जाने वाले मार्गों को ‘ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम’ के तहत दर्शाया गया है, जिसमें खतरे के क्षेत्र को एक बड़े घेरे में अंकित किया गया है। इस क्षेत्र में रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा कथित तौर पर बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं। चार्ट के अनुसार, जहाजों को लारक द्वीप के निकट ईरान की मुख्यभूमि के करीब उत्तरी मार्ग से गुजरने की सलाह दी गई है, जिसका पालन कुछ जहाजों ने युद्ध के दौरान किया। चार्ट में 28 फरवरी से लेकर नौ अप्रैल तक की अवधि दिखाई गई है। यह स्पष्ट नहीं है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस मार्ग में बिछाई गई सुरंगों को हटाया है या नहीं।
संभावित वार्ता और तनाव
यह कदम ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच संभावित वार्ता से पहले दो सप्ताह के युद्धविराम के दौरान दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच अस्थिर युद्धविराम समझौते की प्रारंभिक शर्तों को लेकर तेहरान और वाशिंगटन ने एक-दूसरे से भिन्न दावे किए हैं। ईरान के साथ युद्धविराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद, इजराइल ने मध्य बेरूत के घनी आबादी वाले क्षेत्रों पर हवाई हमले किए, जिसमें 182 लोगों की मौत हो गई। इससे पहले, इजराइल ने कहा था कि लेबनान पर हमले के बाद युद्धविराम समझौता हिजबुल्ला के साथ उसकी लड़ाई पर लागू नहीं होता।
ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक समाचार चैनल से कहा कि हिजबुल्ला के कारण लेबनान को युद्धविराम समझौते में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने लेबनान पर इजराइल के हालिया हमलों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि “यह एक अलग लड़ाई है।” इस बीच, ईरान ने लेबनान पर इजरायल के हमलों को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है और इजराइल द्वारा लेबनान में हमलों के तेज होने के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया है, जिससे हाल में हुआ युद्धविराम खतरे में पड़ गया है।
