ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों को किया कब्जे में, भारत का एक जहाज भी शामिल
नई दिल्ली में बढ़ा तनाव
नई दिल्ली: मध्य पूर्व के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट में हाल ही में तनाव फिर से बढ़ गया है। ईरान ने दो विदेशी जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया है, जिनमें से एक जहाज भारत की ओर बढ़ रहा था। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नकाबपोश कमांडो समुद्र में जहाज पर चढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं।
फिल्मी अंदाज में ऑपरेशन
समुद्र के बीच फिल्मी अंदाज में ऑपरेशन
वीडियो में देखा जा सकता है कि एक तेज़ स्पीडबोट बड़े जहाज के करीब पहुंचता है। इसके बाद, मास्क पहने कमांडो सीढ़ियों के माध्यम से जहाज पर चढ़ते हैं, उनके कंधों पर बंदूकें होती हैं। जहाज पर पहुंचते ही, वे अपने हथियार संभाल लेते हैं।
कुछ समय बाद, अन्य बोट भी वहां पहुंचते हैं, जिन पर ईरान का झंडा होता है। इसके बाद, कमांडो जहाज के विभिन्न हिस्सों में फैल जाते हैं और पूरे जहाज को अपने नियंत्रण में ले लेते हैं। वीडियो का अंत दिखाता है कि कब्जे के बाद जहाज को ईरान की दिशा में ले जाया जा रहा है।
👀🇮🇷💥🇺🇸 WATCH: The Islamic Revolutionary Guard Corps Navy released footage of SEIZING the MSC FRANCESCA and EPAMINONDAS container ships in the Strait of Hormuz.
— JackTheRippler ©️ (@RippleXrpie) April 23, 2026
Iran: “We control Strait of Hormuz.” pic.twitter.com/fnbIIhfce5
भारत की ओर बढ़ रहा था एक जहाज
भारत आ रहा था एक जहाज
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बुधवार को दो जहाजों को रोका। इनमें पनामा के झंडे वाला MSC Francesca और लाइबेरिया के झंडे वाला Epaminondas शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, Epaminondas जहाज दुबई से गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह की ओर जा रहा था, लेकिन ईरान ने उसे रास्ते में ही रोक लिया।
ईरान का स्पष्टीकरण
ईरान ने क्या दी वजह?
ईरानी नौसेना का कहना है कि दोनों जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार करने का प्रयास कर रहे थे और उन्होंने समुद्री नियमों का उल्लंघन किया। ईरान के अनुसार, जहाजों के पास आवश्यक परमिट नहीं थे और उन्होंने नेविगेशन सिस्टम से छेड़छाड़ की थी। ईरान ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा उसके लिए एक रेड लाइन है और इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह ध्यान देने योग्य है कि होर्मुज स्ट्रेट विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल और व्यापारिक सामान विभिन्न देशों तक पहुंचता है, इसलिए यहां किसी भी तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल बाजार पर पड़ सकता है।
