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ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले ने पश्चिम एशिया में तनाव को बढ़ा दिया है। खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान और इराक में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास पर हमले किए हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की कहानी और इसके प्रभाव।
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ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

संयुक्त सैन्य कार्रवाई का प्रभाव


शनिवार को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त सैन्य हमले ने पश्चिम एशिया में स्थिति को अत्यधिक तनावपूर्ण बना दिया है। इस हमले के परिणामस्वरूप ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु की खबर आई, जिसके बाद क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ गया। खामेनेई की मौत के तुरंत बाद, ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमले किए और यूएई, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया।


पाकिस्तान और इराक में विरोध प्रदर्शन

इस घटनाक्रम के बाद, केवल मध्य पूर्व ही नहीं, बल्कि अन्य देशों में भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विशेष रूप से पाकिस्तान और इराक में शिया समुदाय के लोगों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। पाकिस्तान के प्रमुख शहरों जैसे इस्लामाबाद, लाहौर और स्कार्दु में प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए और कई स्थानों पर सरकारी और विदेशी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया।


स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास से जुड़े कार्यालयों पर हमला कर दिया। इस दौरान तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी हुईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसमें गोलीबारी की घटनाएं भी शामिल थीं। इन झड़पों में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हुए हैं। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए अमेरिकी दूतावास ने वीजा और नागरिक सेवाओं से संबंधित सभी अपॉइंटमेंट्स रद्द कर दी हैं और अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।


मनोरंजन जगत में शोक

खामेनेई की मृत्यु से पाकिस्तान के मनोरंजन क्षेत्र में भी शोक का माहौल है। प्रसिद्ध टीवी होस्ट राबिया अनम लाइव कार्यक्रम के दौरान भावुक हो गईं, जबकि अभिनेत्री युमना जैदी ने इसे गहरा आघात बताया।


पाकिस्तान में ईरान के समर्थन में जन समर्थन

इस बीच, पाकिस्तान की जनता खुलकर ईरान के समर्थन में सामने आई है, जबकि सेना प्रमुख आसिम मुनीर का रुख अमेरिका के पक्ष में माना जा रहा है। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान किसी देश के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाना एक गंभीर मुद्दा है। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिका की आलोचना नहीं की। इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर अस्थिरता को और बढ़ा दिया है।