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ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में AI की भूमिका

हाल ही में ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। पहले 24 घंटों में लगभग 900 मिसाइलें दागी गईं, जिससे ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान हुआ। इस ऑपरेशन में मेवेन स्मार्ट सिस्टम का उपयोग किया गया, जो डेटा प्रोसेसिंग में अत्याधुनिक है। जानें कि कैसे AI तकनीक ने इस सैन्य कार्रवाई को प्रभावी बनाया और इसके पीछे की रणनीतियों का विश्लेषण करें।
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ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में AI की भूमिका

अमेरिकी सैन्य अभियान की शुरुआत

ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के पहले 24 घंटों में जो तबाही हुई, वह किसी साधारण सैन्य रणनीति का परिणाम नहीं थी, बल्कि यह दुनिया के सबसे उन्नत AI-संचालित सिस्टम का काम था। एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से पहले 12 घंटों में लगभग 900 मिसाइलें दागकर ईरान को कमजोर कर दिया। इस प्रारंभिक हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का परिसर भी निशाना बना, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई।


मेवेन स्मार्ट सिस्टम की विशेषताएँ

यह ऑपरेशन मेवेन स्मार्ट सिस्टम द्वारा संचालित किया गया, जो कि अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी पैलंटिर टेक्नोलॉजीज द्वारा विकसित एक उन्नत डेटा प्रोसेसिंग प्लेटफॉर्म है। यह सिस्टम सैटेलाइट, सर्विलांस प्लेटफॉर्म और अन्य सैन्य स्रोतों से एकत्रित क्लासिफाइड इंटेलिजेंस डेटा का विश्लेषण करने में सक्षम है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सिस्टम रियल टाइम में इंटेलिजेंस फीड को प्रोसेस करता है और सैन्य कमांडरों को लक्ष्यों के चयन के लिए सुझाव देता है।


AI मॉडल क्लॉड की भूमिका

मेवेन प्लेटफॉर्म में क्लॉड शामिल है, जो AI कंपनी एंथ्रोपिक द्वारा विकसित एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल है। रिपोर्ट के अनुसार, क्लॉड इंटेलिजेंस इनपुट का विश्लेषण करने, संभावित लक्ष्यों की पहचान करने और उनकी रणनीतिक महत्वता के आधार पर उन्हें रैंक करने में मदद करता है। ऑपरेशन के दौरान हमलों के प्रभाव का आकलन करने के लिए भी AI टूल्स का उपयोग किया जाता है, जिससे कमांडर त्वरित निर्णय ले सकते हैं।


US मिलिट्री में AI सिस्टम का बढ़ता उपयोग

मेवेन स्मार्ट सिस्टम पहले से ही अमेरिकी सशस्त्र बलों के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण बन चुका है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मई 2025 तक, 20,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक रियल टाइम में सैटेलाइट और सर्विलांस सिस्टम से एकत्रित इंटेलिजेंस को प्रोसेस करने के लिए इस प्लेटफॉर्म का सक्रिय रूप से उपयोग कर रहे थे। अमेरिकी सैन्य कमांडर इस सिस्टम पर अत्यधिक निर्भर हो गए हैं क्योंकि यह संवेदनशील डेटा को तेजी से समझने की क्षमता रखता है।


लड़ाई में AI पर निर्भरता

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस AI प्लेटफॉर्म पर निर्भरता इतनी बढ़ गई है कि यदि एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई ने सेना को इस तकनीक का उपयोग बंद करने का निर्देश दिया, तो डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन दूसरे प्लेटफॉर्म के विकास तक सिस्टम तक पहुंच बनाए रखने के लिए सरकारी शक्तियों का उपयोग कर सकता है। यह विकास इस बात को दर्शाता है कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से आधुनिक युद्ध को आकार दे रहा है, जिससे सेना को इंटेलिजेंस का त्वरित विश्लेषण और तेजी से ऑपरेशन करने में मदद मिल रही है।