ईरान पर ट्रंप की नई चेतावनी: परमाणु समझौते में विफलता का आरोप
इस्लामाबाद में वार्ता का ठप होना
इस्लामाबाद में दूसरे दौर की वार्ता अचानक रद्द हो गई है, जिससे युद्धविराम वार्ता अभी भी अटकी हुई है। इस बीच, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर चेतावनी दी है, अपने सख्त रुख को दोहराते हुए कहा है कि अब कोई शराफत नहीं। उन्होंने ईरान पर परमाणु समझौते को अंतिम रूप देने में विफल रहने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "ईरान चीजें ठीक से नहीं संभाल पा रहा है। उन्हें यह नहीं पता कि गैर-परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर कैसे किए जाते हैं। उन्हें जल्द ही समझदारी से काम लेना चाहिए।"
ट्रंप की चेतावनी का संदर्भ
इस महीने की शुरुआत में भी ट्रंप ने ईरान को इसी तरह की चेतावनी दी थी। अमेरिका द्वारा प्रतिबंध न हटाने के निर्णय के जवाब में, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी फिर से शुरू कर दी थी। ट्रंप ने कहा था कि यदि ईरान "बहुत ही निष्पक्ष और तर्कसंगत समझौते" पर सहमत नहीं होता है, तो वह अब और विनम्र नहीं रहेंगे। यह बयान इस्लामाबाद में वार्ता के दूसरे दौर से पहले आया था, जिसे बाद में ट्रंप ने रद्द कर दिया।
ईरान पर दबाव
ट्रंप की ये टिप्पणियां उस समय आई हैं जब अमेरिका ईरान पर एक सख्त "परमाणु-रहित समझौते" को स्वीकार करने के लिए दबाव बना रहा है, जो यूरेनियम संवर्धन पर अंकुश लगाएगा और ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकेगा। यह स्थिति अमेरिकी और ईरानी वार्ताकारों के बीच ठप पड़ी वार्ता के संदर्भ में भी है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर रुख बदलने का आरोप लगा रहे हैं।
ट्रंप का समय का दबाव
पिछले हफ्ते, ट्रंप ने कहा कि ईरान के लिए समय कम होता जा रहा है और यह स्पष्ट किया कि कोई भी समझौता पूरी तरह से वाशिंगटन की शर्तों पर होगा। संघर्ष को जल्द खत्म करने की जल्दबाजी के आरोपों को खारिज करते हुए, उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "मेरे पास दुनिया का सारा समय है, लेकिन ईरान के पास नहीं - समय बीतता जा रहा है।"
