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ईरान पर हमले की चेतावनी: सऊदी, कतर और ओमान का अमेरिका को संदेश

सऊदी अरब, कतर और ओमान ने ईरान के समर्थन में एकजुटता दिखाई है और अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि ईरान पर हमला किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। इन देशों का मानना है कि ऐसा कदम वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित कर सकता है और मध्य पूर्व में अराजकता फैला सकता है। जानें इन देशों की चिंताएं और अमेरिका की प्रतिक्रिया के बारे में।
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ईरान पर हमले की चेतावनी: सऊदी, कतर और ओमान का अमेरिका को संदेश

मुस्लिम देशों की एकजुटता

सऊदी अरब, कतर और ओमान ने ईरान के समर्थन में एकजुटता दिखाई है। ईरान की शक्ति में वृद्धि के साथ, ट्रंप की धमकियां अब कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं। इन अरब देशों ने अमेरिका को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि ईरान पर सैन्य कार्रवाई की गई, तो इसके परिणाम केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेंगे। इसका सबसे बड़ा प्रभाव अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। 


सऊदी अरब की स्थिति

सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका ईरान पर हमले की योजना बनाता है, तो रियाद इसमें किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं करेगा, न ही सैन्य सहायता और न ही अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने देगा। यह चेतावनी उस समय आई है जब ट्रंप और उनके प्रशासन ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावना को पूरी तरह से खारिज नहीं किया है। अरब देशों का मानना है कि ऐसा कदम पूरे मध्य पूर्व को संकट में डाल सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब, कतर और ओमान ने व्हाइट हाउस को समझाने की कोशिश की है कि ईरानी शासन को गिराने का प्रयास वैश्विक तेल बाजार पर गंभीर प्रभाव डालेगा। तेल की कीमतें अस्थिर हो सकती हैं, जिसका अंततः असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। हालांकि, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप इन चेतावनियों को गंभीरता से लेने की संभावना कम है।


कतर और ओमान की चिंताएं

कतर का मानना है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो पूरा मध्य पूर्व अराजकता में डूब सकता है। स्थिति इतनी बिगड़ सकती है कि कोई भी देश अपनी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाएगा। सऊदी अरब को चिंता है कि अगर ईरान में अस्थिरता बढ़ती है और उसका नाम इसमें जुड़ता है, तो उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि पर सवाल उठ सकते हैं। इसके अलावा, सऊदी को यह डर है कि अगर अयातुल्ला खामेनेई के बाद सत्ता का संतुलन बिगड़ता है, तो ईरान की कमान पूरी तरह से आईआरजीसी के हाथों में जा सकती है।


ओमान की चेतावनी

ओमान ने चेतावनी दी है कि ईरान पर हमला स्थिति को सुधारने के बजाय और बिगाड़ देगा। सबसे बड़ा खतरा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर है। यदि युद्ध की स्थिति उत्पन्न होती है, तो ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल और गैस व्यापार पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य की महत्वपूर्णता इस तथ्य से समझी जा सकती है कि दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का लगभग 25% और लिक्विफाइड नेचुरल गैस का लगभग 20% हर साल इसी मार्ग से गुजरता है। प्रतिदिन लगभग 20 मिलियन बैरल तेल इस जलडमरूमध्य के माध्यम से विभिन्न देशों में पहुंचता है।