ईरान में अमेरिका और इज़राइल के हमले से बढ़ा तनाव, 550 से अधिक लोग मारे गए
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद अमेरिका और इज़राइल ने ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य हमले किए हैं। इस कार्रवाई में 550 से अधिक लोग मारे गए हैं। ईरानी सैन्य कमांडरों ने प्रतिशोध की बात की है, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है। इस बीच, महाराष्ट्र के मराठवाड़ा के 61 लोग हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण मध्य पूर्व में फंसे हुए हैं। जानें इस गंभीर स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
| Mar 2, 2026, 17:02 IST
ईरान में सैन्य हमले की स्थिति
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद, अमेरिका और इज़राइल ने रविवार को ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की। इस हमले में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया और कई युद्धपोतों को नष्ट किया गया। विस्फोटों के कारण पूरे देश में इमारतें हिल गईं और तेहरान के आसमान में धुएं के गुबार दिखाई दिए। सरकारी मीडिया के अनुसार, हमलों के बाद से खामेनेई और अन्य उच्च अधिकारियों सहित 550 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
ईरान का प्रतिशोध
ईरानी सैन्य कमांडरों ने स्पष्ट किया है कि वे अपने नेता की हत्या का बदला लेंगे। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात समेत अन्य खाड़ी देशों पर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। यह स्थिति मध्य पूर्व को एक बड़े युद्ध की ओर धकेल रही है। ईरान ने दुबई हवाई अड्डे, बुर्ज खलीफा और बहरीन तथा कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इस बीच, अमेरिकी सेना ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के मुख्यालय को नष्ट करने की घोषणा की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने युद्ध के बीच एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान के 48 शीर्ष नेताओं को 'एक ही गोली' में मार गिराया गया। ट्रम्प ने यह भी बताया कि ईरान के नौसेना के नौ जहाज नष्ट हो गए हैं और ईरान का नौसेना मुख्यालय भी काफी हद तक तबाह हो गया है। इस कार्रवाई में कम से कम तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और पांच गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
मराठवाड़ा के लोग फंसे
हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण महाराष्ट्र के मराठवाड़ा के 61 लोग मध्य पूर्व में फंसे हुए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि इन लोगों ने स्थानीय प्रशासन को सूचित किया है। इनमें से कुछ पर्यटक हैं, जबकि अन्य काम के लिए खाड़ी देशों में गए हैं और कुछ के पास निवास वीजा है।
