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ईरान में आर्थिक संकट: युद्ध और महंगाई का असर

ईरान में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के चलते आर्थिक संकट गहरा गया है। महंगाई ने दवाओं की कीमतों को छह गुना बढ़ा दिया है, जिससे आम जनता को रोजी-रोटी का संकट सामना करना पड़ रहा है। श्रम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, युद्ध के कारण लाखों लोग बेरोजगार हो चुके हैं। इस स्थिति ने देश में गरीबी को बढ़ा दिया है, और नौकरी के अवसरों में भारी कमी आई है। जानें इस संकट के पीछे के कारण और इसके प्रभावों के बारे में।
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ईरान में आर्थिक संकट: युद्ध और महंगाई का असर

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव

हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध फिलहाल रुका हुआ है, लेकिन संकट की स्थिति अभी भी बनी हुई है। किसी भी समय लड़ाई फिर से भड़क सकती है। इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर ईरान की जनता पर पड़ रहा है, जहां रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है। महंगाई इतनी बढ़ गई है कि दवाओं की कीमतें छह गुना तक बढ़ चुकी हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में महंगाई के खिलाफ आवाजें उठने लगी हैं, जबकि सरकार इसे देश को अस्थिर करने की साजिश बताती है।


छंटनी और बेरोजगारी

ईरान के फार्स प्रांत में एक कार्यालय में 100 कर्मचारियों में से 20 को निकाल दिया गया है। श्रम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, युद्ध के कारण लगभग 10 लाख लोग अपनी नौकरियां खो चुके हैं। इससे 20 से अधिक लोगों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से असर पड़ा है।


महंगाई और डिजिटल अर्थव्यवस्था

लगातार इंटरनेट बंद रहने के कारण डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी गंभीर नुकसान हुआ है। ईरानी मीडिया के अनुसार, युद्ध और महंगाई का सबसे बुरा प्रभाव श्रमिकों पर पड़ा है, जिन्हें बिना वेतन के काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। छंटनी ने गरीबी जैसे हालात पैदा कर दिए हैं, जैसे कि गिलान प्रांत की राजधानी राश्त में लगभग 2000 लोगों की नौकरी चली गई है।


आर्थिक स्थिति का विश्लेषण

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मंदी, युद्ध और प्रतिबंधों के एक साथ आने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। आज ईरान में दो सॉसेज की बोतल की कीमत 10 लाख रियाल है, जबकि भारत में इसकी कीमत 100 रुपये से अधिक नहीं है। युद्ध के कारण कई फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं और कुछ ने महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया है। देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, जबकि न्यूनतम मजदूरी 90 डॉलर से भी कम है।


बेरोजगारी की बढ़ती समस्या

ईरान में होम सर्विस देने वाली कंपनी अचारेह के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस साल अप्रैल के अंत में उनके प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन करने वालों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। अधिकांश लोग खानपान, सफाई, प्लंबिंग और मेंटीनेंस जैसे कार्यों के लिए पंजीकरण करा रहे हैं। एक जॉब प्लेटफॉर्म के अनुसार, एक दिन में 318,000 नए नौकरी के आवेदन आए, जबकि नए अवसरों में लगभग 80 प्रतिशत की कमी आई है। आज ईरान में लोगों के लिए घर चलाना मुश्किल हो रहा है, और नौकरी जाने के कारण बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो रहे हैं।