Newzfatafatlogo

ईरान में उथल-पुथल: रजा पहलवी की अपील और ट्रंप की चेतावनी

ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच रजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से तत्काल कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने खामेनेई की सरकार के खिलाफ लोगों के दमन की बात की और इसे युद्ध जैसी स्थिति बताया। पहलवी का आरोप है कि ईरान बातचीत के बहाने समय बिता रहा है। उन्होंने खुद को ईरानियों की आवाज बताया और कहा कि वे बदलाव के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर फिर से लोगों की हत्या हुई, तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। क्या यह ईरान के लिए निर्णायक मोड़ है? जानें पूरी कहानी।
 | 
ईरान में उथल-पुथल: रजा पहलवी की अपील और ट्रंप की चेतावनी

ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन


ईरान इस समय गंभीर संकट का सामना कर रहा है। लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। सुरक्षा बलों द्वारा गोलियां चलाई जा रही हैं और इंटरनेट सेवाएं बंद की जा रही हैं। इस कठिन परिस्थिति में रजा पहलवी ने आवाज उठाई है, उनका कहना है कि अब दुनिया को चुप नहीं रहना चाहिए। उनका मानना है कि यह शासन अपने अंतिम क्षणों में है और अब निर्णायक समय आ गया है।


रजा पहलवी की ट्रंप से अपील

पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि खामेनेई की सरकार लोगों को दमन कर रही है और इसे युद्ध जैसी स्थिति में बताया। उनका कहना है कि ट्रंप की निर्धारित रेड लाइन पहले ही पार हो चुकी है, और अब केवल चेतावनी से काम नहीं चलेगा। दुनिया को दमन को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे, अन्यथा और खून बहेगा।


क्या यह केवल बातचीत का दिखावा है?

पहलवी का आरोप है कि ईरान बातचीत के बहाने समय बिता रहा है। उनका कहना है कि शासन प्रदर्शनों को दबाने के लिए यह रणनीति अपना रहा है। तेहरान दुनिया को भ्रमित करना चाहता है, जबकि असल में वह हिंसा को जारी रखना चाहता है। पहलवी ने कहा कि अब यह स्पष्ट हो चुका है कि यह एक निर्णायक क्षण है और दुनिया को जवाब देना होगा।


पहलवी की भूमिका

उन्होंने खुद को ईरानियों की आवाज बताया है और कहा कि वे केवल एक सेतु हैं, मंजिल नहीं। उनका दावा है कि प्रदर्शनकारियों में उनके नाम के नारे लग रहे हैं, जो उनके समर्थन का संकेत है। उन्होंने कहा कि वे निर्वासित ईरानियों का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनकी कोशिश है कि दुनिया उनकी पुकार सुने। उनका लक्ष्य सत्ता की कुर्सी नहीं, बल्कि बदलाव लाना है।


क्या पहलवी जान देने को तैयार हैं?

उन्होंने कहा कि वे आज़ादी के लिए जान देने को भी तैयार हैं। प्रदर्शनकारियों की बहादुरी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जब लोग गोलियों के सामने खड़े हैं, तो वे क्यों पीछे हटें। यह केवल आर्थिक विरोध नहीं है, बल्कि शासन के अंत की लड़ाई है, जिसे वे सच्ची क्रांति मानते हैं। उनका संदेश स्पष्ट है कि अब पीछे हटने का समय नहीं है।


ट्रंप की चेतावनी

ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ईरानी नेताओं से बातचीत की है और चेतावनी दी है कि अगर फिर से लोगों की हत्या हुई, तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विकल्प खुले हैं, जिसमें हवाई हमले पर विचार किया जा रहा है। वाइट हाउस ने भी इसी तरह के संकेत दिए हैं, जिससे ईरान पर दबाव बढ़ रहा है। अब दुनिया वाशिंगटन की ओर देख रही है।


क्या यह ईरान के लिए निर्णायक मोड़ है?

ईरान की मुद्रा गिर चुकी है और लोग सड़कों पर हैं। सरकार संकट में है और बाहरी दबाव भी बढ़ रहा है। रजा पहलवी इस क्षण को बदलाव का अवसर मानते हैं। ट्रंप की अगली कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होगी। क्या अमेरिका दखल देगा या नहीं, ईरान का भविष्य इसी निर्णय पर निर्भर करता है।