Newzfatafatlogo

ईरान में प्रदर्शन: अमेरिका की चेतावनी पर ईरानी नेतृत्व की कड़ी प्रतिक्रिया

ईरान में बढ़ती महंगाई और गिरती मुद्रा के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसमें अमेरिका की चेतावनी पर ईरानी नेतृत्व ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने कहा है कि यदि प्रदर्शनकारियों पर हिंसा होती है, तो अमेरिका मदद के लिए आगे आएगा। ईरानी नेतृत्व ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया है। आर्थिक संकट के कारण जनाक्रोश बढ़ रहा है, और प्रदर्शन 2022 के बाद सबसे बड़े माने जा रहे हैं। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक।
 | 
ईरान में प्रदर्शन: अमेरिका की चेतावनी पर ईरानी नेतृत्व की कड़ी प्रतिक्रिया

ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों का राजनीतिक प्रभाव


नई दिल्ली: ईरान में महंगाई और मुद्रा के अवमूल्यन के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने स्थिति को और भी संवेदनशील बना दिया है। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा होती है, तो अमेरिका उनकी सहायता के लिए आगे आएगा। इस पर ईरानी नेतृत्व ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है।


ईरान की सुरक्षा पर स्पष्ट संदेश

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के सलाहकार अली शामखानी ने अमेरिका को स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान की सुरक्षा एक रेड लाइन है, और किसी भी बाहरी ताकत को जो इस सुरक्षा को खतरे में डालेगा, उसे ऐसा जवाब दिया जाएगा जिसे वह कभी नहीं भूलेगा। शामखानी ने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया और अमेरिकी इरादों पर सवाल उठाया।


अमेरिका के अतीत के हस्तक्षेपों का जिक्र

शामखानी ने अपने बयान में अमेरिका के अतीत के हस्तक्षेपों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता अमेरिका के तथाकथित रेस्क्यू मिशन को भली-भांति समझती है। उन्होंने इराक, अफगानिस्तान और गाजा के उदाहरण देते हुए कहा कि इन स्थानों पर अमेरिकी दखल ने शांति नहीं, बल्कि तबाही लाई। उनका कहना था कि ईरान किसी भी कीमत पर ऐसे अनुभव को दोहराने नहीं देगा।


ट्रंप की चेतावनी और स्थिति की गंभीरता

डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या होती है, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका 'लॉक्ड एंड लोडेड' है और जरूरत पड़ने पर मदद के लिए आगे आएगा। यह बयान ऐसे समय में आया जब ईरान में लगातार छठे दिन प्रदर्शन जारी थे और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी।


आर्थिक संकट के कारण जनाक्रोश

ईरान में विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से आर्थिक समस्याओं के कारण शुरू हुए हैं। बढ़ती कीमतें, बेरोजगारी और रियाल की तेज गिरावट ने आम लोगों को परेशान कर दिया है। कई क्षेत्रों में सरकार और व्यवस्था के खिलाफ नारे भी सुनाई दे रहे हैं। समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, हिंसा से जुड़े मामलों में अब तक कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है।


अमेरिका और इजरायल पर आरोप

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने अमेरिका और इजरायल पर अशांति भड़काने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जो कुछ पर्दे के पीछे चल रहा था, वह अब स्पष्ट हो गया है। लारीजानी ने चेतावनी दी कि अमेरिकी हस्तक्षेप पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर देगा और अमेरिका के अपने हितों को भी नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए।


ईरान में मौजूदा प्रदर्शन 2022 के बाद सबसे बड़े माने जा रहे हैं। तब महसा अमीनी की मौत के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया था। अब एक बार फिर हालात गंभीर होते दिख रहे हैं और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता टकराव पूरे पश्चिम एशिया के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।