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ईरान में प्रदर्शनों के बीच ट्रंप का विवादास्पद बयान: 'मदद आ रही है'

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने ईरानी नागरिकों से विरोध जारी रखने की अपील की है। ट्रंप ने कहा कि 'मदद आ रही है', लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि यह मदद किस प्रकार की होगी। उनके इस बयान ने अमेरिका-ईरान संबंधों में नई हलचल पैदा कर दी है। ईरान में लगभग 2,000 लोगों के मारे जाने की आशंका है, और ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी भी दी है। जानें इस स्थिति का क्या असर हो सकता है।
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ईरान में प्रदर्शनों के बीच ट्रंप का विवादास्पद बयान: 'मदद आ रही है'

ट्रंप का समर्थन और ईरानी प्रदर्शनकारियों की अपील


नई दिल्ली : ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए एक विवादास्पद बयान जारी किया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ईरानी नागरिकों से विरोध जारी रखने की अपील की और कहा कि 'मदद आ रही है।' हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह मदद किस प्रकार की होगी, लेकिन उनके इस बयान ने अमेरिका-ईरान संबंधों में नई हलचल पैदा कर दी है।


ट्रंप का संदेश और अंतरराष्ट्रीय चिंताएँ

ट्रुथ पर पोस्ट ने बढ़ाई अंतरराष्ट्रीय चिंता  
ट्रंप ने अपने संदेश में ईरानी प्रदर्शनकारियों को 'ईरानी देशभक्त' कहकर संबोधित किया और उनसे संस्थानों पर कब्ज़ा करने की बात कही। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को यह भी सलाह दी कि वे कथित हत्यारों और अत्याचारियों के नाम सुरक्षित रखें, क्योंकि उन्हें इसकी 'भारी कीमत' चुकानी होगी। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकों को रद्द कर दिया है और जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्याएं नहीं रुकतीं, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। इस पोस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय में यह चर्चा तेज हो गई कि अमेरिका किस दिशा में आगे बढ़ने वाला है।


ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन

2,000 लोगों के मारे जाने की आशंका
ईरान में पिछले कुछ हफ्तों से व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिन पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 2,000 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है, जिसमें आम नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षा बलों के सदस्य भी शामिल हैं। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि करना कठिन है, क्योंकि ईरान में सूचना और मीडिया पर कड़े प्रतिबंध हैं।


अमेरिकी सैन्य विकल्पों पर चर्चा

अमेरिकी सैन्य विकल्पों की चर्चा
ट्रंप के बयान से पहले भी वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव बढ़ रहा था। अमेरिकी राष्ट्रपति पहले यह कह चुके हैं कि ईरान के खिलाफ 'बहुत सख्त विकल्पों' पर विचार किया जा रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि हवाई हमले भी उन विकल्पों में शामिल हैं, जिन पर राष्ट्रपति विचार कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि कूटनीति हमेशा अमेरिका की प्राथमिकता रहती है।


ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ की चेतावनी

ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ की चेतावनी
तनाव को और बढ़ाते हुए ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि जो देश ईरान के साथ व्यापार करेंगे, उन्हें अमेरिका के साथ अपने सभी व्यापार पर 25 प्रतिशत टैरिफ देना होगा। उन्होंने इसे तुरंत प्रभाव से लागू करने की बात कही और कहा कि यह आदेश 'अंतिम और निर्णायक' है। इस फैसले को ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।


ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान ने भी चेतावनी दी है कि ​​​​​...
ट्रंप के 'मदद आ रही है' वाले बयान का असली अर्थ अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन इसे अमेरिका-ईरान टकराव में संभावित बड़े कदम के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां अमेरिका कड़े बयान और आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए दबाव बना रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने भी चेतावनी दी है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का वह जवाब देगा। ऐसे में पश्चिम एशिया में हालात और अधिक अस्थिर होने की आशंका गहराती जा रही है।