ईरान में बढ़ते विरोध और हिंसा: क्या खामेनेई देश छोड़ने की तैयारी में हैं?
ईरान में हालात की गंभीरता
ईरान में चल रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों और बढ़ती हिंसा के बीच एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों की मौत पर हस्तक्षेप की चेतावनी दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस मुद्दे पर टिक गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मौजूदा संकट को देखते हुए देश छोड़ने की योजना बना सकते हैं, और उनके पास इसके लिए एक वैकल्पिक योजना भी है।
खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी
खुफिया सूत्रों के अनुसार, खामेनेई अपने 20 करीबी सहयोगियों और परिवार के सदस्यों के साथ ईरान से बाहर जाने पर विचार कर रहे हैं। यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो वे रूस में शरण लेने का विकल्प चुन सकते हैं। यह योजना सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के मॉडल पर आधारित हो सकती है, जिन्होंने संकट के समय रूस का सहारा लिया था। सूत्रों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के चलते मॉस्को खामेनेई के लिए सबसे सुरक्षित स्थान माना जा रहा है, क्योंकि अन्य देशों में उन्हें स्वीकार करने की संभावना कम है।
ईरान का आर्थिक संकट
वास्तव में, ईरान इस समय गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। महंगाई, बेरोजगारी और मुद्रा के अवमूल्यन के कारण आम जनता में भारी नाराजगी है, जिसने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों का रूप ले लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के 31 प्रांतों में से 25 में लगभग 170 स्थानों पर प्रदर्शन हुए हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भी भड़की है, जिसमें अब तक कम से कम 15 लोगों की जान जा चुकी है और 580 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
खामेनेई की प्रतिक्रिया
विरोध प्रदर्शनों की तीव्रता और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच, अयातुल्ला खामेनेई ने पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है। 86 वर्षीय खामेनेई ने अशांति के लिए जिम्मेदार तत्वों को 'दंगाई' करार देते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सरकार देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।
राजनीतिक स्थिरता पर सवाल
हालांकि, बढ़ते विरोध, लगातार हो रही गिरफ्तारियां और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती आलोचना ने ईरान की राजनीतिक स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में खामेनेई के देश छोड़ने की संभावित योजना को लेकर किए जा रहे दावे ईरान की मौजूदा स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं।
