ईरान में बढ़ते संकट के बीच रजा पहलवी का प्रदर्शन का आह्वान
ईरान में राजनीतिक और सामाजिक संकट
ईरान वर्तमान में गंभीर राजनीतिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं, और स्थिति दिन-ब-दिन अधिक तनावपूर्ण होती जा रही है। हाल ही में सड़कों पर हुई हिंसक झड़पों में कई लोगों की मौत की खबरों ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इन घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ईरान की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
खामेनेई की आलोचना और ट्रंप की चेतावनी
प्रदर्शनों के बीच, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की आलोचना तेज हो गई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालात बिगड़ने पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे ईरान का माहौल और भी गरम हो गया है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद, कई स्थानों पर लोगों ने मौजूदा शासन के खिलाफ नारे लगाए और राजशाही की वापसी की मांग की।
रजा पहलवी का प्रदर्शन के लिए आह्वान
निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी का बड़ा आह्वान
ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे, निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी ने ईरानी जनता से सड़कों पर उतरने की अपील की है। उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने लोगों से तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों में एकजुट होकर प्रदर्शन करने का आग्रह किया।
रजा पहलवी ने कहा कि शासन के दमन को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है बड़ी संख्या में लोगों की एक साथ मौजूदगी। उन्होंने लोगों से छोटे लेकिन संगठित समूहों में परिवार और दोस्तों के साथ बाहर निकलने की अपील की और प्रमुख सड़कों पर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने की बात कही।
ट्रंप का समर्थन और रजा पहलवी की उम्मीद
एक्स पर किया ट्वीट
रजा पहलवी ने कहा कि सरकार को गिराने के लिए लोगों को एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार अब लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर इकट्ठा होने से रोकने की कोशिश कर रही है, क्योंकि उसे पता है कि ईरानी लोग जल्द ही इसे समाप्त कर देंगे।
उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन के लिए उनका धन्यवाद किया और कहा कि ट्रंप की चेतावनी से ईरान की जनता को नई उम्मीद मिली है। पहलवी के अनुसार, लोग अब महसूस कर रहे हैं कि अमेरिका उनके साथ खड़ा है।
तेहरान में आंदोलन का विस्तार
तेहरान में फैलता आंदोलन
ईरान की राजधानी तेहरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन अब कई इलाकों में फैल चुके हैं। पहले सीमित माने जा रहे ये विरोध अब व्यापक रूप ले चुके हैं। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और प्रशासन सतर्क है। लगातार बढ़ते आंदोलन यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में ईरान की राजनीति में बड़े बदलाव आ सकते हैं।
