ईरान में भूकंप और अमेरिका का खतरा: क्या है सच्चाई?
इस लेख में हम ईरान में हाल ही में आए भूकंप और अमेरिका की सैन्य तैनाती के बीच के संबंधों की चर्चा करेंगे। क्या यह भूकंप था या एक गुप्त न्यूक्लियर परीक्षण? साथ ही, भारत पर इसके संभावित प्रभावों पर भी नजर डालेंगे। जानें इस तनावपूर्ण स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
| Feb 20, 2026, 11:14 IST
ईरान में भूकंप और अमेरिका की सैन्य तैनाती
जब भारत में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रमुख व्यवसायी एआई समिट में भाग ले रहे हैं, उसी समय ईरान को चारों ओर से घेर लिया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका इस सप्ताह ईरान पर हमला कर सकता है, और केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम स्वीकृति का इंतजार है। ईरान और रूस के युद्धपोत भी अमेरिका के खिलाफ अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं। इस गंभीर तनाव के बीच, अचानक ईरान में लाखों घरों में हलचल शुरू हो गई है। आने वाले घंटों में यह स्थिति पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकती है। इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि ईरान में यह हलचल क्यों हो रही है।
अमेरिका की सैन्य तैनाती
ईरान के चारों ओर, अमेरिका ने 2003 के इराक युद्ध के बाद से अपनी एयरफोर्स की सबसे बड़ी तैनाती की है। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में F35, F22 रैप्टर, F15 और F16 जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों की कई स्क्वाड्रन तैनात की हैं। बड़े पैमाने पर हवाई अभियानों के लिए आवश्यक कमांड और कंट्रोल एयरक्राफ्ट भी भेजे जा रहे हैं। हाल के हफ्तों में, इस क्षेत्र में एयर डिफेंस सिस्टम भी तैनात किए गए हैं। आप ईरान के आस-पास अमेरिका के नौसैनिक और सैन्य ठिकानों की स्थिति देख सकते हैं। यदि हमला होता है, तो यह बहुत बड़ा हो सकता है, क्योंकि इस बार अमेरिका के साथ इजराइल भी पूरी ताकत से शामिल होगा। लेकिन जैसे-जैसे अमेरिका और इजराइल ईरान की ओर बढ़ रहे हैं, ईरान की धरती भी कांपने लगी है।
भूकंप या न्यूक्लियर टेस्ट?
हाल ही में, ईरान में अचानक 5.5 तीव्रता का भूकंप आया। लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह भूकंप था या एक गुप्त न्यूक्लियर परीक्षण? कुछ लोग इसे वास्तविक भूकंप मानते हैं, जबकि कई का दावा है कि ईरान की न्यूक्लियर सुविधाओं के पास कुछ गतिविधियाँ देखी गई हैं। इस बीच, अमेरिका से आ रहे खतरों के बीच, ईरान को रूस का समर्थन प्राप्त है। उत्तरी हिंद महासागर में, रूस और ईरान की विशेष बलों ने संयुक्त एयर सी ऑपरेशन किया है, जिसमें समुद्री डाकुओं से जहाजों को मुक्त करने का अभ्यास किया गया है।
भारत पर संभावित प्रभाव
अब भारत की स्थिति पर आते हैं। यदि ईरान पर हमला होता है, तो भारत भी गंभीर संकट में पड़ सकता है। सबसे पहले, आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक चुनौती उत्पन्न हो सकती है। अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो भारत के शिया मुस्लिम सड़कों पर उतर सकते हैं। पिछले कुछ हफ्तों से, भारत के शिया मुस्लिम पहले से ही ईरान के समर्थन में रैलियाँ निकाल रहे हैं।
