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ईरान में महंगाई के खिलाफ भड़के प्रदर्शन: डोनाल्ड ट्रम्प की चेतावनी और हिंसा की घटनाएं

ईरान में महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ हाल ही में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जो तीन वर्षों में सबसे बड़ा है। यह आंदोलन देश के विभिन्न हिस्सों में फैल गया है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों के प्रति हिंसा की चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक शासन के खिलाफ आवाज उठाई है, और आर्थिक संकट के कारण जनता की असंतोष बढ़ रहा है। जानें इस स्थिति के बारे में और क्या कह रहे हैं निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी।
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ईरान में महंगाई के खिलाफ भड़के प्रदर्शन: डोनाल्ड ट्रम्प की चेतावनी और हिंसा की घटनाएं

ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन


नई दिल्ली : ईरान में महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक ठहराव के खिलाफ हाल ही में तीन वर्षों का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ है। यह आंदोलन केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में फैल गया है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ा है।


डोनाल्ड ट्रम्प की कड़ी चेतावनी

डोनाल्ड ट्रम्प की कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरानी सरकार को चेतावनी दी है कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की गई या उन्हें हिंसक तरीके से मारा गया, तो अमेरिका हस्तक्षेप करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर साझा किया।


हिंसक झड़पों की घटनाएं

सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें
सरकारी सूत्रों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में कम से कम सात लोगों की जान चली गई है। कई अन्य लोग घायल हुए हैं, और कुछ क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा सीधे गोलीबारी की घटनाएं भी सामने आई हैं।


धार्मिक शहर कोम में विरोध

धार्मिक शहर कोम तक पहुंचा विरोध
यह विरोध प्रदर्शन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर कोम तक पहुंच गया है, जिसे ईरान की धर्मतांत्रिक व्यवस्था का केंद्र माना जाता है। यहां प्रदर्शनकारियों ने खुले तौर पर धार्मिक शासन को हटाने की मांग की है, जो एक बड़ा राजनीतिक संकेत है।


राजशाही समर्थक नारों की वापसी

राजशाही समर्थक नारों की वापसी
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, लगभग पांच दशकों बाद ईरान में राजशाही समर्थक नारे फिर से सुनाई देने लगे हैं। यह दर्शाता है कि जनता का एक वर्ग मौजूदा शासन से असंतुष्ट है।


आर्थिक संकट का प्रभाव

आर्थिक बदहाली विरोध का मुख्य कारण
ईरान की राष्ट्रीय मुद्रा रियाल ने पिछले एक वर्ष में डॉलर के मुकाबले अपनी कीमत का एक तिहाई से अधिक खो दिया है। लगातार बढ़ती महंगाई के कारण आम लोगों की क्रय शक्ति पर बुरा असर पड़ा है। वर्तमान में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत लगभग 14 लाख रियाल तक पहुंच गई है।


सरकार की बातचीत की पेशकश

सरकार की बातचीत की पेशकश, लेकिन सीमाएं स्पष्ट
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के नेतृत्व वाली नागरिक सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की इच्छा जताई है। हालांकि, सरकार का कहना है कि आर्थिक संकट और मुद्रा अवमूल्यन के कारण उनके पास समाधान के विकल्प सीमित हैं।


निर्वासित राजकुमार की प्रतिक्रिया

निर्वासित राजकुमार की प्रतिक्रिया
ईरान के निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों की सराहना करते हुए उन्हें देश के 'सच्चे नायक' बताया। उन्होंने जनता से एकजुट रहने और स्वतंत्रता की दिशा में संघर्ष जारी रखने की अपील की।