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ईरान में महिलाओं का साहसिक विरोध: खामेनेई की तस्वीरें जलाकर दे रही हैं संदेश

ईरान में हाल के विरोध प्रदर्शनों में महिलाएं साहसिकता से सामने आई हैं, जहां वे सर्वोच्च नेता खामेनेई की तस्वीरें जलाकर और सिगरेट जलाकर अपनी आवाज उठा रही हैं। यह आंदोलन महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुए असंतोष की लहर का एक नया अध्याय है। जानें इस विरोध के पीछे की वजहें और इसके सामाजिक प्रभाव।
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ईरान में महिलाओं का साहसिक विरोध: खामेनेई की तस्वीरें जलाकर दे रही हैं संदेश

ईरान में विरोध की लहर


नई दिल्ली: ईरान की सड़कों पर जो दृश्य सामने आ रहे हैं, वे केवल एक विरोध नहीं, बल्कि सत्ता के खिलाफ एक स्पष्ट चुनौती बन चुके हैं। देश के विभिन्न शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं, और स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि सरकार को इंटरनेट सेवाएं बंद करनी पड़ी हैं।


इस उथल-पुथल के बीच, सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिन्हें ऐतिहासिक माना जा रहा है। इन क्लिप्स में ईरानी महिलाएं खुलेआम सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की जलती हुई तस्वीरों से सिगरेट जलाते हुए नजर आ रही हैं। हालांकि इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इनका संदेश अत्यंत प्रभावशाली माना जा रहा है।




सोशल मीडिया पर तूफान

वायरल वीडियो में तेहरान और अन्य शहरों की महिलाएं खामेनेई की तस्वीरें जला रही हैं, सिगरेट जलाते हुए और कई स्थानों पर हिजाब को आग के हवाले कर रही हैं। यह दृश्य उस ईरान के लिए असाधारण हैं, जहां महिलाओं पर कड़े सामाजिक और धार्मिक प्रतिबंध लागू हैं।


हालांकि इन फुटेज की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, फिर भी इन्हें सोशल मीडिया पर सत्ता के खिलाफ बगावत के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।


महिलाओं का साहसिक कदम

इस विरोध के पीछे दो महत्वपूर्ण कारण माने जा रहे हैं। पहला, ईरान में सर्वोच्च नेता की तस्वीर जलाना एक गंभीर अपराध है। दूसरा, महिलाओं का सार्वजनिक रूप से सिगरेट पीना लंबे समय से सामाजिक रूप से हतोत्साहित किया गया है।


इन दोनों कार्यों को एक साथ करके महिलाएं न केवल सरकार की शक्ति को चुनौती दे रही हैं, बल्कि उन सामाजिक नियमों को भी नकार रही हैं जो दशकों से उन पर थोपे गए हैं।


महसा अमीनी आंदोलन का संदर्भ

महसा अमीनी आंदोलन से जुड़ी कड़ी


यह घटनाक्रम 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुए आंदोलन की याद दिलाता है। महसा को कथित तौर पर हिजाब नियमों के उल्लंघन में हिरासत में लिया गया था, जहां उसकी मृत्यु हो गई थी। उस घटना के बाद महिलाओं के नेतृत्व में जो असंतोष की लहर उठी थी, वही अब एक बार फिर और भी अधिक उग्र रूप में सामने आ रही है।


विरोध की आग कैसे भड़की

ईरान में कैसे भड़की विरोध की आग


ईरान में मौजूदा विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत दिसंबर के अंत में हुई थी। प्रारंभिक कारण महंगाई, खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें और रिकॉर्ड तोड़ मुद्रास्फीति थे। लेकिन धीरे-धीरे ये प्रदर्शन सरकार और पूरे धार्मिक शासन के खिलाफ खुली बगावत में बदल गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ईरानी अधिकारियों ने देशभर में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं। मानवाधिकार संगठनों ने इस कदम को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने का प्रयास बताया है।