ईरान में युद्ध का नया अध्याय: खामेनेई की पत्नी का निधन और प्रतिशोध की तैयारी
नई दिल्ली में ईरान के संकट का नया मोड़
नई दिल्ली : मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष ने एक नया मोड़ ले लिया है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में घायल होने के बाद, ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की पत्नी, मंसूरे खोजस्ते बागेरजादेह, का सोमवार को निधन हो गया। इस घटना ने ईरान में शोक और आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इसे मुसलमानों के खिलाफ युद्ध की घोषणा करते हुए प्रतिशोध का संकल्प लिया है।
मंसूरे खोजस्ते बागेरजादेह का जीवन
मंसूरे खोजस्ते बागेरजादेह की उम्र 79 वर्ष थी और उनका जन्म मशहद, ईरान में हुआ था। वह पूर्व आईआरईबी उप निदेशक हसन खोजस्ते बागेरजादेह की बहन थीं। 1964 में खामेनेई से विवाह करने के बाद, उन्होंने साधारण जीवन व्यतीत किया। उनके परिवार में चार बेटे और दो बेटियां हैं। हमले के समय, वह तेहरान में खामेनेई के निवास पर थीं। उनकी मृत्यु के बाद, ईरान में शोक और आक्रोश की लहर फैल गई है।
ईरान का प्रतिशोध
खामेनेई और उनकी पत्नी की मृत्यु के बाद, ईरान का गुस्सा चरम पर है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने सरकारी टेलीविजन पर एक भावुक संबोधन में कहा कि ईरान की सेना दुश्मनों के ठिकानों को नष्ट कर देगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस ऐतिहासिक अपराध के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। ईरान अब बदला लेने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अमेरिकी ठिकानों पर हमले
ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं। रविवार को, ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इस दावे ने अंतरराष्ट्रीय सैन्य समुदाय में हलचल मचा दी। हालांकि, यू.एस. सेंट्रल कमांड ने इसे खारिज कर दिया है और कहा है कि उनकी नौसेना पूरी तरह सुरक्षित है।
इजरायल के खिलाफ ईरान का गुस्सा
ईरान का गुस्सा अब इजरायल पर भी फूट रहा है। ईरानी अधिकारियों ने दावा किया कि उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय को निशाना बनाया है। हालांकि, इजरायल ने इसे झूठा करार दिया है और कहा है कि ईरान मनोवैज्ञानिक युद्ध कर रहा है। यह बढ़ता टकराव वैश्विक चिंता का विषय बन गया है।
ईरानी नागरिकों की शहादत
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें बताया गया है कि इस संघर्ष में 555 से अधिक ईरानी नागरिक शहीद हो चुके हैं। ईरान के लगभग 130 शहरों पर हवाई और मिसाइल हमले किए गए हैं। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुँचाया है, जिससे ईरानी जनजीवन प्रभावित हुआ है।
