ईरान में विरोध प्रदर्शनों का उबाल: इंटरनेट बंदी और सुरक्षा बलों की कार्रवाई
ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों की स्थिति
नई दिल्ली: ईरान इस समय बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रहा है। पिछले 12 दिनों से देश के विभिन्न शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। गुरुवार की रात अचानक पूरे देश में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं, जिससे प्रदर्शनकारियों के बीच संपर्क टूट गया और बाहरी दुनिया से सूचनाएं पहुंचाना कठिन हो गया। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक कम से कम 45 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।
विरोध प्रदर्शनों की उत्पत्ति
यह अशांति 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के बाजार से शुरू हुई, जब ईरान की मुद्रा रियाल की कीमत में भारी गिरावट आई। सालाना महंगाई दर 42 प्रतिशत से अधिक हो गई है। देश अभी भी 2024 में इजरायल के साथ हुए युद्ध के प्रभाव और लंबे समय से चल रहे आर्थिक प्रतिबंधों से उबरने की कोशिश कर रहा है।
इसके अलावा, बिजली कटौती और ईंधन की कमी ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। लोग महंगाई और बेरोजगारी से परेशान हैं। प्रारंभ में प्रदर्शन आर्थिक मुद्दों पर केंद्रित थे, लेकिन अब ये सरकार के खिलाफ बदलाव की मांग तक पहुंच गए हैं।
इंटरनेट बंद करने का कारण
निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की अपील की थी। उनके आह्वान के तुरंत बाद, सरकार ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। इसका उद्देश्य यह था कि प्रदर्शनकारी आपस में संपर्क न कर सकें और देश की स्थिति की जानकारी बाहर न जा सके। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि लैंडलाइन फोन सेवाएं भी कुछ क्षेत्रों में काट दी गईं, जिससे लोग और भी अलग-थलग पड़ गए।
क्राउन प्रिंस की भूमिका
रजा पहलवी, जो 1979 की क्रांति के दौरान सत्ता से हटाए गए शाह के बेटे हैं, अब विदेश में रहकर विरोध का एक प्रमुख चेहरा बन गए हैं। उन्होंने लोगों से सड़कों पर उतरने और एकजुट होने की अपील की है। प्रदर्शनों में 'तानाशाह मुर्दाबाद' के नारे के साथ-साथ पुराने शाह के समय की प्रशंसा के नारे भी लगाए जा रहे हैं। पहलवी ने इंटरनेट बंद करने की निंदा की और कहा कि सरकार भयभीत है।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई और मौतें
सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी कर रहे हैं। मानवाधिकार समूहों के अनुसार, 45 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी संख्या 2,200 से अधिक बताई जा रही है। ईरान के मुख्य न्यायाधीश ने चेतावनी दी है कि सरकार के खिलाफ जाने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।
ट्रंप की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस स्थिति पर काफी नाराज हैं। उन्होंने ईरानी सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई या उन्हें मारा गया, तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने कहा कि ईरानी लोग साहसी हैं और यदि सरकार ने हिंसा की, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने ईरान की अर्थव्यवस्था को बहुत कमजोर बताया।
