ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच रजा पहलवी की ट्रंप से मदद की गुहार
रजा पहलवी की अपील
ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी के पुत्र, रजा पहलवी, ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में सीधी अपील की है। उन्होंने बताया कि ईरान में स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है, जहां प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई जा रही हैं और संचार सेवाएं पूरी तरह से ठप कर दी गई हैं।
संचार व्यवस्था का ठप होना
रजा पहलवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान में न तो इंटरनेट कार्य कर रहा है और न ही लैंडलाइन फोन। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों को पूरी तरह से बाहरी दुनिया से काट दिया गया है, ताकि सरकार अपने दमन को छिपा सके। उन्होंने कहा कि लोग केवल गोलियों का ही नहीं, बल्कि संचार के पूर्ण ब्लैकआउट का भी सामना कर रहे हैं।
ट्रंप से तत्काल सहायता की मांग
ट्रंप से “तत्काल मदद” की अपील
पहलवी ने ट्रंप से कहा कि यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण है और तात्कालिक कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने लिखा कि लाखों ईरानी अपनी स्वतंत्रता के लिए जान जोखिम में डालकर सड़कों पर उतरे हैं। उनका कहना है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई जनता के गुस्से और अंतरराष्ट्रीय समर्थन से भयभीत हैं, जिसके कारण वे हिंसक दमन का सहारा ले रहे हैं। रजा पहलवी ने ईरानी जनता से फिर से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है और कहा कि अगले एक घंटे में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय दबाव की आवश्यकता
उन्होंने चेतावनी दी कि समय बहुत कम है और यदि तुरंत अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं बनाया गया, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। रजा पहलवी ने ट्रंप को एक शांतिप्रिय नेता बताते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के पहले के कड़े बयानों के कारण सुरक्षा बल कुछ हद तक पीछे हट गए थे। उनका मानना है कि अमेरिका का खुला समर्थन ईरानी जनता के लिए एक बड़ा मनोबल बन सकता है।
ईरान सरकार का कड़ा रुख
ईरान सरकार का सख्त रुख
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह विरोध प्रदर्शनों को सख्ती से दबाने के लिए तैयार है। सरकारी बयानों और टीवी प्रसारणों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तीखी भाषा का उपयोग किया जा रहा है। सरकारी चैनलों पर "अमेरिका मुर्दाबाद" जैसे नारे भी दिखाए गए हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाए हैं, यह कहते हुए कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हाथ ईरानियों के खून से सने हैं और प्रदर्शनकारी अमेरिका को खुश करने के लिए देश की सड़कों पर अराजकता फैला रहे हैं। खामेनेई ने यह भी कहा कि अमेरिका को दूसरों के मामलों में हस्तक्षेप करने के बजाय अपने देश की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
