ईरानी महिला फुटबॉल टीम का अनोखा विरोध: एशियन कप में राष्ट्रगान के समय चुप्पी
खेल और राजनीति का अनोखा संगम
नई दिल्ली : खेल के मैदान पर राजनीति और भावनाओं का मिलन अक्सर दर्शकों को चौंका देता है। गोल्ड कोस्ट के सीबस सुपर स्टेडियम में विमेंस एशियन कप के उद्घाटन मैच में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से पहले जब ईरान का राष्ट्रगान बजाया गया, तो ईरानी खिलाड़ियों और मुख्य कोच मरजिये जाफरी ने चुप्पी साधे रखी। यह मौन विरोध ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हालिया मृत्यु के बाद उत्पन्न परिस्थितियों की ओर इशारा कर रहा था।
राष्ट्रगान के समय खिलाड़ियों की चुप्पी
मैच शुरू होने से पहले जब स्टेडियम में ईरान का राष्ट्रगान गूंजा, तो मैदान पर खड़ी खिलाड़ियों की कतार पूरी तरह शांत थी। न तो खिलाड़ियों के होंठ हिले और न ही उनके चेहरे पर कोई भाव दिखा। सभी खिलाड़ी और कोच मरजिये जाफरी सामने की ओर देखते हुए मौन खड़े रहे। यह एक स्पष्ट संदेश था, जो बिना कुछ कहे वैश्विक मंच पर पहुंचा। स्टेडियम में मौजूद दर्शक इस अप्रत्याशित और शांत विरोध के गवाह बने।
खामेनेई की मृत्यु पर खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
जब मीडिया ने कप्तान जहरा घनबारी और कोच जाफरी से खामेनेई की मृत्यु के बारे में सवाल किया, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। कोच जाफरी ने फारसी में उत्तर देना शुरू किया, लेकिन एएफसी मीडिया प्रतिनिधि ने अनुवाद से पहले ही उन्हें रोक दिया। प्रतिनिधि ने कहा कि हमें केवल खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और अन्य चर्चाओं को बंद कर दिया। इस तरह राजनीतिक सवालों को खेल की सुर्खियों से दूर रखने की कोशिश की गई, जिससे प्रेस रूम में भी अनिश्चितता बनी रही।
दक्षिण कोरिया का दबदबा
खेल के मोर्चे पर दक्षिण कोरिया की अनुभवी टीम ईरान पर पूरी तरह हावी नजर आई। चो यू-री ने पहले हाफ में गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद दूसरे हाफ में किम हये-री और को यू-जिन ने गोल दागकर दक्षिण कोरिया की जीत पर मुहर लगा दी। ईरान के लिए यह मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि वे एशिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक का सामना कर रहे थे। कोरिया की तकनीकी क्षमता और अनुभव मैदान पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।
कोच का टीम के प्रदर्शन पर संतोष
हार के बावजूद, मुख्य कोच मरजिये जाफरी ने अपनी टीम 'टीम मेली बनोवन' के प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया। यह ईरान का केवल दूसरा फाइनल टूर्नामेंट था, जबकि कोरियाई टीम 14 बार इस स्तर पर खेल चुकी है। जाफरी ने कहा कि उन्हें पता था कि मैच कठिन होगा, लेकिन उनकी टीम ने रक्षात्मक से आक्रामक रणनीति अपनाने की पूरी कोशिश की। कुछ व्यक्तिगत गलतियों और पेनल्टी के कारण टीम पिछड़ गई, लेकिन कोच के अनुसार खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा खेल दिखाया।
हार ने खिलाड़ियों को निराश नहीं किया
जाफरी ने प्रतिद्वंद्वी टीम को उनकी शानदार जीत के लिए बधाई दी और उम्मीद जताई कि ईरानी टीम भविष्य में और अधिक शक्ति के साथ वापसी करेगी। खिलाड़ियों ने मैदान पर जो साहस और कौशल दिखाया, वह उनके बढ़ते आत्मविश्वास का प्रमाण है। इस टूर्नामेंट ने न केवल उनके खेल, बल्कि उनकी सामाजिक चेतना को भी दुनिया के सामने रखा है। हार ने खिलाड़ियों को निराश नहीं किया है, बल्कि वे इसे सीखने के एक बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं ताकि वे मजबूती से लौट सकें।
