Newzfatafatlogo

उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर ड्रोन उड़ाने का आरोप लगाया

उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर सीमा पार ड्रोन उड़ाने का आरोप लगाया है, जिसके जवाब में दक्षिण कोरिया ने इन आरोपों को खारिज किया है। यह विवाद दोनों देशों के बीच संबंधों को प्रभावित कर सकता है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने वार्ता के प्रयास किए हैं, लेकिन उत्तर कोरिया ने इन प्रयासों को नजरअंदाज किया है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित परिणाम।
 | 

उत्तर कोरिया की चेतावनी

उत्तर कोरिया की सेना ने शनिवार को दक्षिण कोरिया पर आरोप लगाया कि उसने सीमा पार ड्रोन उड़ाए हैं और चेतावनी दी है कि सियोल को इसके "अक्षम्य उकसावे भरे कृत्य" के लिए गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।


दक्षिण कोरिया का खंडन

हालांकि, दक्षिण कोरिया ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, लेकिन इससे उत्तर कोरिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बहाल करने के प्रयासों को झटका लगने की संभावना जताई जा रही है।


कोरियन पीपुल्स आर्मी का बयान

'कोरियन पीपुल्स आर्मी' के जनरल स्टाफ ने एक बयान में कहा कि उत्तर कोरियाई बलों ने दक्षिण कोरियाई ड्रोन को विशेष इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरणों का उपयोग करके मार गिराया।


ड्रोन की विशेषताएँ

बयान में उल्लेख किया गया है कि ड्रोन में दो कैमरे थे, जो अज्ञात क्षेत्रों की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे। इसके अलावा, पिछले साल 27 सितंबर को भी एक दक्षिण कोरियाई ड्रोन ने उत्तर कोरिया के वायु क्षेत्र का उल्लंघन किया था।


उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया

उत्तर कोरिया ने कहा है, "हम दक्षिण कोरियाई गुंडों की ओर से हमारी संप्रभुता के उल्लंघन की कड़ी निंदा करते हैं।"


दक्षिण कोरिया का रक्षा मंत्रालय

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने उत्तर कोरिया द्वारा बताए गए समय में किसी भी ड्रोन का संचालन नहीं किया। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी किम हॉन्ग-शियोल ने कहा कि दक्षिण कोरिया के पास ऐसे ड्रोन नहीं हैं।


संबंधों में सुधार की कोशिश

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति सेली जे म्युंग ने उत्तर कोरिया के साथ वार्ता फिर से शुरू करने के लिए प्रयास किए हैं, लेकिन उत्तर कोरिया ने इन प्रयासों को नजरअंदाज किया है।


अमेरिकी प्रतिबंधों का प्रभाव

2019 में अमेरिकी प्रतिबंधों के मुद्दे पर विवाद के कारण किम जोंग-उन और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच उच्चस्तरीय परमाणु वार्ता विफल हो गई थी।