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ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर की भारत यात्रा: व्यापार और निवेश पर जोर

ऑस्ट्रिया के फ़ेडरल चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर 14 अप्रैल से भारत की चार-दिवसीय यात्रा पर आ रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करना है। स्टॉकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा करने का एक अवसर है।
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ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर की भारत यात्रा: व्यापार और निवेश पर जोर

क्रिश्चियन स्टॉकर की चार-दिवसीय यात्रा

नई दिल्ली। ऑस्ट्रिया के फ़ेडरल चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर 14 अप्रैल से भारत की चार-दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यापार, निवेश और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करना है। इस दौरान, ऑस्ट्रियाई नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे, जिसमें भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों की वर्तमान स्थिति और महत्वपूर्ण क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, दोनों नेता विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। यह यात्रा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह स्टॉकर की एशिया की पहली आधिकारिक यात्रा है और भारत में उनकी पहली यात्रा भी है।


क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आएगा, जिसमें अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और पर्यटन के फ़ेडरल मंत्री वोल्फगैंग हैटमैनडॉर्फ़र के साथ-साथ वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और प्रमुख व्यापारिक नेता शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेता आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे, जिसमें बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग भी शामिल है। इस अवसर को चिह्नित करने के लिए प्रधानमंत्री अतिथि के सम्मान में दोपहर के भोजन का आयोजन करेंगे। प्रधानमंत्री के साथ बैठक के अलावा चांसलर स्टॉकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाक़ात करेंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच संबंधों की जड़ें साझा लोकतांत्रिक मूल्यों में निहित हैं। मंत्रालय ने यह भी उल्लेख किया कि जुलाई 2024 में प्रधानमंत्री की ऑस्ट्रिया की सफल यात्रा ने दोनों देशों के बीच समकालीन संबंधों को काफी ऊंचाई दी है। यह आगामी यात्रा विकसित हो रही साझेदारी का एक प्रमाण है। फ़ेडरल चांसलर स्टॉकर की यात्रा दोनों देशों की इस साझा प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है कि वे आपसी हित के नए क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को और अधिक गहरा तथा विस्तृत करेंगे।