ओमान के तट पर भारतीय जहाज पर हमला: क्या है इसके पीछे का सच?
नई दिल्ली में चिंता का विषय
नई दिल्ली: मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ओमान के तट पर एक भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाज के डूबने की घटना ने नई चिंताएं उत्पन्न की हैं। जहाज पर हमले के बाद उसमें भीषण आग लग गई, जिससे वह समुद्र में समा गया। भारत सरकार ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जहाज पर ड्रोन या मिसाइल से हमले की आशंका जताई जा रही है।
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर व्यापारिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाना एक गंभीर मुद्दा है। भारतीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने पुष्टि की है कि जहाज पर मौजूद सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।
हाजी अली जहाज पर हमला
ओमान के समुद्री क्षेत्र में हुआ हमला
सरकारी जानकारी के अनुसार, "हाजी अली" नाम का यह भारतीय झंडे वाला जहाज लकड़ी से बना एक मोटर चालित मालवाहक पोत था। यह जहाज सोमालिया से संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह की ओर जा रहा था। 13 मई की सुबह जब यह ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ। हमले के तुरंत बाद जहाज में आग लग गई और स्थिति तेजी से बिगड़ गई। बताया गया है कि जहाज पर पशुओं को ले जाया जा रहा था और यह सामान्य व्यावसायिक यात्रा पर था।
खतरे का बढ़ता स्तर
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास बढ़ा खतरा
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर के अनुसार, यह घटना ओमान के लिमाह क्षेत्र के पास हुई, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित है। यह समुद्री मार्ग विश्व के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और अन्य व्यापारिक सामान का परिवहन होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में हाल के दिनों में तनाव बढ़ा है, जिससे व्यापारिक जहाजों पर खतरा बढ़ गया है।
हमले की प्रकृति
ड्रोन या मिसाइल हमले की आशंका
ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा कंपनी वैनगार्ड ने प्रारंभिक जांच के आधार पर यह आशंका जताई है कि जहाज पर ड्रोन या मिसाइल से हमला किया गया हो सकता है। हालांकि, अभी तक किसी संगठन या देश ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जहाज में अचानक लगी आग और विस्फोट के कारण इसे सामान्य दुर्घटना नहीं माना जा रहा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी इस पर चिंता व्यक्त की है।
सुरक्षित चालक दल
सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित
इस घटना में राहत की बात यह है कि जहाज पर सवार सभी 14 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। भारतीय मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि ओमान के अधिकारियों ने तुरंत राहत अभियान चलाया और सभी नाविकों को सुरक्षित डिब्बा पोर्ट पहुंचाया गया। सरकार स्थानीय प्रशासन और समुद्री एजेंसियों के संपर्क में है।
पिछले हफ्ते की दूसरी घटना
एक सप्ताह में दूसरी बड़ी घटना
यह घटना होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भारतीय जहाज के डूबने की एक सप्ताह में दूसरी घटना है। इससे पहले 8 मई को "अल फैज नूरे-सुलेमानी" नाम का भारतीय झंडे वाला जहाज भी इसी क्षेत्र में हमले का शिकार हुआ था। वह जहाज दुबई से यमन जा रहा था। रिपोर्ट्स के अनुसार, उस समय अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण हालात बने हुए थे। उस हादसे में भारतीय नाविक अल्ताफ केर की मौत हो गई थी।
समुद्री सुरक्षा पर चिंता
समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर मध्य पूर्व के समुद्री रास्तों पर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा अब एक बड़ी चुनौती बन गई है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और इस तरह की घटनाओं पर करीबी नजर रखी जा रही है।
