Newzfatafatlogo

कनाडा-चीन संबंधों में सुधार: वांग यी का दौरा और व्यापारिक संभावनाएं

कनाडा और चीन के बीच हाल के दिनों में रिश्तों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कनाडा दौरे के दौरान व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की बात की। अनीता आनंद ने बैठक में कनाडा की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और नए व्यापारिक साझेदारों की खोज पर जोर दिया। दोनों देशों के बीच पहले से हुए व्यापार समझौतों का भी उल्लेख किया गया। हालांकि, ताइवान से जुड़े विवाद अभी भी तनाव का कारण बने हुए हैं।
 | 
कनाडा-चीन संबंधों में सुधार: वांग यी का दौरा और व्यापारिक संभावनाएं

कनाडा और चीन के बीच रिश्तों में नया मोड़


नई दिल्ली: हाल के दिनों में कनाडा और चीन के बीच संबंधों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। इस संदर्भ में, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कनाडा की यात्रा के दौरान व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक, चीन को होने वाला कनाडा का निर्यात 100 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। यह बयान उन्होंने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ उच्चस्तरीय बैठक में दिया।


अनीता आनंद की बैठक में प्रमुख बातें

विदेश मंत्री अनीता आनंद ने बैठक में बताया कि कनाडा अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और नए अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक साझेदारों की खोज पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन के साथ कनाडा का आर्थिक संबंध महत्वपूर्ण है और यह दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो सकता है। वांग यी का यह तीन दिवसीय दौरा पिछले लगभग दस वर्षों में किसी चीनी विदेश मंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा है, जो दोनों देशों के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।


पिछले समझौतों का प्रभाव

जनवरी में, दोनों देशों के बीच एक प्रारंभिक व्यापार समझौता हुआ था, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों और कैनोला जैसी प्रमुख कृषि फसलों पर कुछ टैरिफ को कम किया गया था। इसी दौरान, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने 2017 के बाद चीन का दौरा करने वाले पहले कनाडाई प्रधानमंत्री बनकर एक नई कूटनीतिक पहल की थी।


चीन का व्यापारिक महत्व

वर्तमान में, चीन कनाडा का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। हालांकि, अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण कनाडा अब अपने व्यापारिक निर्भरता को अमेरिका से कम करने की दिशा में काम कर रहा है। प्रधानमंत्री कार्नी ने हाल ही में यह लक्ष्य निर्धारित किया है कि अगले दस वर्षों में कनाडा अपने कुल निर्यात को दोगुना करेगा। इसके लिए उनकी सरकार ने अब तक 20 से अधिक आर्थिक और सुरक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।


अमेरिका के साथ साझेदारी पर जोर

हाल ही में न्यूयॉर्क में दिए गए एक संबोधन में, प्रधानमंत्री कार्नी ने अमेरिका के साथ नए प्रकार की साझेदारी की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक मजबूत कनाडा न केवल अपने लिए, बल्कि अमेरिका के लिए भी लाभकारी होगा।


विवाद और तनाव

हालांकि, दोनों देशों के संबंधों में कुछ विवाद भी बने हुए हैं। 23 मई को कनाडा का एक युद्धपोत HMCS शार्लेटटाउन ताइवान स्ट्रेट से गुजरा, जिस पर चीन ने कड़ी आपत्ति जताई। चीन ने इसे अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के खिलाफ कदम बताया और कहा कि ऐसे किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ताइवान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे अभी भी दोनों देशों के बीच तनाव का कारण बने हुए हैं।