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क़तर में ईरानी हमले से अमेरिका के एयरबेस पर संकट टला

क़तर में ईरानी हमले की कोशिश ने अमेरिका के एयरबेस को संकट में डाल दिया। ईरान के दो बमवर्षकों ने अल उदैद एयरबेस को निशाना बनाया, लेकिन क़तर के एयर डिफेंस सिस्टम ने समय पर कार्रवाई करते हुए उन्हें नष्ट कर दिया। इस घटना ने अमेरिका के 10,000 सैनिकों की जान बचाई। जानें इस हमले की पूरी कहानी और इसके संभावित परिणाम।
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क़तर में ईरानी हमले से अमेरिका के एयरबेस पर संकट टला

अमेरिका के एयरबेस पर ईरानी हमले की कोशिश

अगर दो मिनट की देरी होती, तो अमेरिका की सैन्य इतिहास में एक नया नरसंहार जुड़ सकता था। ईरान ने आज अमेरिका के सबसे बड़े एयरबेस पर एक सुनियोजित हमला किया। यह हमला इतना चतुराई से किया गया था कि अमेरिका के उन्नत रडार भी ईरानी फाइटर जेट को पहचान नहीं सके। लेकिन क़तर के एयर डिफेंस सिस्टम ने न केवल ईरानी विमानों को रोका, बल्कि उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया। वरना, आज का दिन अमेरिका के लिए एक काला दिन बन सकता था। सुबह लगभग 6:10 बजे क़तर में धमाके की आवाज ने आसमान को गूंजा दिया। क़तर के एयर डिफेंस सिस्टम और ईरान के एसयू 24 बमवर्षकों के बीच टकराव की आवाज ने क़तर और अमेरिका में हलचल मचा दी। मिडिल ईस्ट में तैनात हर अमेरिकी सैनिक के परिवार में चिंता का माहौल था। क़तर में स्थित अल उदैद एयरबेस पर अमेरिका के 10,000 जवान तैनात हैं, जो मिडिल ईस्ट में अमेरिका का सबसे बड़ा एयरबेस माना जाता है।


ईरानी विमानों का लक्ष्य

अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी कि कहीं एयरबेस पर कोई अनहोनी न हो जाए। ईरान ने कई साल पहले रूस से खरीदे गए दो एसयू 24 बमवर्षकों को क़तर की ओर भेजा था। इन विमानों का लक्ष्य दो प्रमुख स्थान थे: पहला क़तर का अल उदैद एयरबेस, जहां लगभग 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, और दूसरा रास लाफान गैस प्रोसेसिंग सुविधा, जो क़तर की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। रिपोर्टों के अनुसार, जब ईरानी विमान क़तर के निकट पहुंचे, तो वे रडार से बचने के लिए केवल 80 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे थे। क़तर की सेना ने उन्हें चेतावनी दी, लेकिन विमानों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके बाद उन्हें दुश्मन विमान घोषित किया गया। क़तर ने तुरंत अपने लड़ाकू विमानों को भेजा। क़तर के एक F-15 फाइटर जेट ने ईरानी विमानों को हवा में ही रोक लिया और दोनों के बीच सीधी लड़ाई हुई। इस मुठभेड़ में क़तर के फाइटर जेट ने दोनों ईरानी बमवर्षकों को मार गिराया। दोनों विमान क़तर के समुद्री क्षेत्र में गिर गए, और अब उनके पायलटों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।


ईरान के हमलों का सिलसिला

अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद से ईरान लगातार खाड़ी क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई कर रहा है। अब तक, ईरान ने 400 से अधिक बैलेस्टिक मिसाइलें और 1000 से अधिक ड्रोन अरब देशों की ओर दागे हैं। हालांकि, अधिकांश हमलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया है, लेकिन कुछ हमले सफल भी हुए हैं। अगर दो मिनट की देरी होती, तो क़तर एयरबेस पर तैनात 10,000 अमेरिकी सैनिकों की जानें जा सकती थीं। ईरान ने क़तर की ओर दो बैलेस्टिक मिसाइलें दागी, जिनमें से एक को एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया, जबकि दूसरी अल उदैद एयरबेस पर गिरी। इस हमले से अमेरिका को 1.1 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, लेकिन किसी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई।


क़तर का एयर डिफेंस सिस्टम

क़तर के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरानी हमलों के शुरू होने के बाद से उनके हवाई क्षेत्र की ओर 101 बैलेस्टिक मिसाइलें, तीन क्रूज मिसाइलें और 39 आत्मघाती ड्रोन पकड़े गए हैं। मंत्रालय का दावा है कि सभी मिसाइलें और 24 ड्रोन इंटरसेप्ट कर दिए गए हैं। जैसे कि ईरान के एसयू 24 को समय पर रोका गया। अगर 120 सेकंड की देरी होती, तो अमेरिका के 10,000 सैनिकों की जानें जा सकती थीं।