कुवैत के लड़ाकू विमान द्वारा गलती से गिराए गए अमेरिकी जेट: क्या है सच्चाई?
चौंकाने वाली घटना का खुलासा
नई दिल्ली: वॉशिंगटन और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान के दौरान एक अप्रत्याशित घटना सामने आई है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कुवैत के एफ/ए-18 हॉर्नेट लड़ाकू विमान ने गलती से तीन अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल जेट को मार गिराया। यह घटना उस समय हुई जब ईरान ने कुवैत सहित खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे।
इस घटना के बाद सैन्य हलकों में हलचल मच गई है। राहत की बात यह है कि दुर्घटनाग्रस्त हुए तीनों अमेरिकी विमानों के पायलट और चालक दल सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।
हादसे का कारण क्या था?
एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, कुवैती एफ/ए-18 हॉर्नेट के पायलट ने गलती से तीन अमेरिकी जेट विमानों की ओर मिसाइलें दाग दीं। इस हमले के बाद तीनों अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल विमान कुवैत के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हो गए।
इस संघर्ष के दौरान क्षेत्र में भारी सैन्य गतिविधि और ईरानी मिसाइल-ड्रोन हमलों के कारण स्थिति बेहद जटिल हो गई थी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर एक वीडियो में एक अमेरिकी एफ-15 जेट को आग की लपटों में घिरा हुआ नीचे गिरते हुए देखा गया। विमान की पूंछ से धुआं निकलता नजर आया और वह चक्कर लगाते हुए नीचे की ओर गिरता दिखा।
हालांकि, इन वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
प्रारंभिक बयान में क्या कहा गया?
अमेरिकी केंद्रीय कमान ने प्रारंभिक प्रतिक्रिया में कहा कि कुवैती वायु रक्षा प्रणाली ने तीन अमेरिकी जेट विमानों को "गलती से" निशाना बनाया। बयान में यह भी कहा गया कि यह घटना सक्रिय युद्ध के बीच हुई, जब ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले जारी थे।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सशस्त्र बलों ने कुवैत में गिराए गए अमेरिकी विमान को निशाना बनाने की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, अमेरिकी विमानों के गिरने की सटीक परिस्थितियां अब भी स्पष्ट नहीं हैं।
विशेषज्ञों की राय
इस घटना ने विमानन विशेषज्ञों को उलझन में डाल दिया है। एक पूर्व वायु सेना पायलट ने बताया कि सहयोगी देशों के पायलटों को ऐसी स्थितियों में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
उन्होंने कहा, "यदि आप हवाई रक्षा मिशन पर हैं, तो सबसे पहले आप अपने ट्रांसपोंडर का उपयोग करके पूछताछ करते हैं... एफ-15ई को ईरानी विमान समझने की गलती करना काफी मुश्किल है, खासकर तब जब वे किसी भी तरह से आक्रामक तरीके से पैंतरेबाजी नहीं कर रहे हों।"
उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी पायलट सहयोगी बलों को आइडेंटिफिकेशन फ्रेंड ऑर फो (IFF) कोड प्रसारित करते हैं, ताकि मित्र और शत्रु विमानों की पहचान स्पष्ट की जा सके।
सहयोगी देश होने के बावजूद हादसा
कुवैत अमेरिका का एक प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी देश है। ऐसे में यह घटना दोनों देशों के सैन्य समन्वय पर सवाल खड़े करती है।
फिलहाल जांच जारी है और अमेरिकी लड़ाकू विमानों के गिराए जाने की परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक स्पष्टता का इंतजार है।
