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क्या अमेरिका ईरान पर हमला करने वाला है? पूर्व CIA अधिकारी का चौंकाने वाला दावा

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है, और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य घेराबंदी को कड़ा कर दिया है। पूर्व CIA अधिकारी जॉन किरियाकू ने दावा किया है कि अमेरिका अगले सप्ताह ईरान पर हमला कर सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को एक अल्टीमेटम दिया है, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को समाप्त करने की मांग की गई है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है अगला कदम।
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क्या अमेरिका ईरान पर हमला करने वाला है? पूर्व CIA अधिकारी का चौंकाने वाला दावा

मिडिल ईस्ट में तनाव की स्थिति


नई दिल्ली : वर्तमान में मिडिल ईस्ट में तनाव की स्थिति काफी गंभीर हो गई है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य घेराबंदी को और अधिक कड़ा कर दिया है, खासकर परमाणु हथियारों के मुद्दे को लेकर। समुद्र में तैनात विमान वाहक पोतों पर अत्याधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमानों की आवाजाही और सी-17 ग्लोबमास्टर के माध्यम से भेजे जा रहे हथियारों ने संभावित संकट का संकेत दिया है। इस बीच, एक पूर्व सीआईए अधिकारी द्वारा हमले की संभावित तारीखों का खुलासा ने वैश्विक रणनीतिकारों को चौंका दिया है।


CIA अधिकारी का बड़ा खुलासा

सीआईए के पूर्व अधिकारी जॉन किरियाकू ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में कहा कि अमेरिका अगले सप्ताह की शुरुआत में ईरान पर सैन्य कार्रवाई करने की योजना बना रहा है। उन्होंने अपने पूर्व सहयोगियों के हवाले से बताया कि व्हाइट हाउस में 23 या 24 फरवरी को हमले की योजना पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि, कूटनीति के विकल्प खुले रखने की बात कही जा रही है, लेकिन वास्तविकता यह है कि सैन्य विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।


ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान को एक व्यापक प्रस्ताव दिया, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और हमास जैसे समूहों को सहायता बंद करने की शर्तें शामिल थीं। ईरान को इसके लिए दस दिन का समय दिया गया है। लेकिन पूर्व सीआईए अधिकारी इसे एक सोची-समझी सैन्य चाल मानते हैं। उनका कहना है कि यह समय सीमा केवल ध्यान भटकाने के लिए है, और अमेरिका हमले से पहले ही अपनी वायु शक्ति का उपयोग कर सकता है।


अमेरिकी बेस पर हलचल

ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई की खबरों के बीच, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कतर के अल उदैद अड्डे से सैनिकों का स्थानांतरण हो रहा है। इसके अलावा, बहरीन, इराक, सीरिया, कुवैत और सऊदी अरब में अमेरिकी बेसों पर हथियारों की आपूर्ति की जा रही है। सी-17 ग्लोबमास्टर विमान लगातार रसद और सैन्य सामग्री उतार रहे हैं, जो किसी बड़े युद्ध की तैयारी का संकेत है।


ईरान की चेतावनी

अमेरिका की सैन्य गतिविधियों के जवाब में, ईरान ने भी पलटवार की तैयारी कर ली है। संयुक्त राष्ट्र में ईरानी मिशन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई हमला हुआ, तो क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने उनके निशाने पर होंगे। ईरान ने अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने की बात कही है, जिससे क्षेत्र में एक बड़े युद्ध की आशंका बढ़ गई है।


अमेरिका की डिफेंस प्रणाली में सुधार

संभावित संघर्ष को देखते हुए, अमेरिकी सेना ने अपनी एयर डिफेंस प्रणाली को और मजबूत किया है। विमान वाहक पोतों को ऐसी जगह तैनात किया गया है, जहां से वे ईरानी मिसाइलों की पहुंच से बाहर रहें, लेकिन जवाबी हमले करने में सक्षम हों। एफ-22 रैप्टर जैसे घातक फाइटर जेट्स को स्टैंडबाय पर रखा गया है। अमेरिकी प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हमले की स्थिति में उनके ठिकानों और सहयोगियों को न्यूनतम क्षति पहुंचे।