क्या अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खत्म होगा? जानें संभावित समझौते की बातें
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी की संभावना
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव में अब सुधार की उम्मीद जगी है। पिछले दो महीनों से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते की संभावना बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार, ईरान गुरुवार को युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका के प्रस्ताव पर अपना जवाब मध्यस्थों को सौंप सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति का सकारात्मक बयान
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पिछले 24 घंटों में अमेरिका और ईरान के बीच संवाद बहुत सकारात्मक रहा है। बताया जा रहा है कि प्रस्तावित समझौता युद्ध समाप्त करने और औपचारिक बातचीत की शुरुआत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
14 बिंदुओं वाले समझौते की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित समझौता एक पृष्ठ और 14 बिंदुओं वाले मेमोरेंडम के रूप में तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध को समाप्त करना और व्यापक समझौते के लिए औपचारिक वार्ता की शुरुआत करना है। इस प्रस्ताव के तहत, ईरान अस्थायी रूप से परमाणु संवर्धन को रोक सकता है, जबकि अमेरिका प्रतिबंधों में ढील देने और ईरान की जमी हुई अरबों डॉलर की राशि को जारी करने पर विचार कर सकता है।
ट्रंप का ऑपरेशन समाप्त करने का संकेत
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि यदि ईरान प्रस्तावित शर्तों पर सहमत होता है, तो पहले से चल रहे एपिक फ्यूरी ऑपरेशन को समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी के लिए खुल जाएगा। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि तेहरान इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता है, तो बमबारी की जाएगी, जो पहले से कहीं अधिक तीव्र होगी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव बरकरार
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का केंद्र बना हुआ है। ट्रंप ने हाल ही में अपने नए मिशन प्रोजेक्ट फ्रीडम को रोक दिया है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। इसी बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत खोलने की मांग की है।
चीन का समर्थन प्राप्त करने की कोशिश
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की। इस बैठक में चीन ने ईरान को बातचीत के दौरान समर्थन देने का आश्वासन दिया। ईरान ने कहा कि वह मौजूदा तनाव का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है और अमेरिका के साथ निष्पक्ष समझौते के लिए तैयार है, लेकिन अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा।
