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क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की उम्मीदें बढ़ रही हैं? ट्रंप का नया बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित बातचीत की बात की है, जबकि पाकिस्तान इस संघर्ष को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ट्रंप ने ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले की चेतावनी को टाल दिया है, लेकिन ईरान ने बातचीत से इनकार किया है। इस बीच, तेल की कीमतों में गिरावट आई है, जिससे व्यापारियों को लाभ हुआ है। जानें इस जटिल स्थिति में क्या हो रहा है और पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका के बारे में।
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क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की उम्मीदें बढ़ रही हैं? ट्रंप का नया बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति का ईरान पर बयान


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को जानकारी दी कि उनकी प्रशासन ईरान के साथ “उत्पादक” वार्ता कर रही है। उन्होंने ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले की चेतावनी को 5 दिनों के लिए टाल दिया। ट्रंप का कहना है कि दोनों देश शांति की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि कोई बातचीत नहीं हो रही है। इस बीच, युद्ध का चौथा सप्ताह चल रहा है और संघर्ष जारी है।


क्या पीट हेगसेथ को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है?

अमेरिका में युद्ध शुरू करने की जिम्मेदारी तय करने की चर्चा तेज हो गई है। ट्रंप ने टेनेसी में एक कार्यक्रम के दौरान रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की ओर इशारा करते हुए कहा, “पीट, तुमने सबसे पहले कहा था, चलो कर देते हैं, क्योंकि उन्हें परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए।” कई लोग इसे हेगसेथ को बलि का बकरा बनाने की कोशिश मानते हैं, क्योंकि युद्ध ट्रंप के “त्वरित और निर्णायक” वादे के अनुसार नहीं चल रहा है।


पाकिस्तान की मध्यस्थता

पाकिस्तान इस संघर्ष को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पाक आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने रविवार को ट्रंप से बातचीत की। इसके बाद, पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति से फोन पर चर्चा की। मिस्र, तुर्किये और पाकिस्तान के अधिकारी ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकोफ और ईरानी विदेश मंत्री से संपर्क में हैं। इस्लामाबाद को बातचीत का स्थल बनाने का प्रस्ताव भी सामने आया है।


पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यदि दोनों पक्ष चाहें, तो इस्लामाबाद हमेशा वार्ता के लिए तैयार है। मिस्र के विदेश मंत्री ने भी विटकोफ के साथ “संभावित वार्ता” पर चर्चा की। इसके साथ ही, सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के साथ पाकिस्तान “STEP” समूह का हिस्सा बताया जा रहा है।


तेल की कीमतों में गिरावट

ट्रंप की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। कुछ व्यापारियों ने पहले से दांव लगाया और भारी मुनाफा कमाया। बाजार में चर्चा है कि क्या किसी को अंदरूनी जानकारी लीक हुई या इसका उपयोग किया गया, जिससे 10 करोड़ डॉलर तक का लाभ हुआ।


ईरान का प्रतिक्रिया

ईरान का कहना है कि ट्रंप पीछे हट गए क्योंकि ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी थी। फिलहाल, युद्ध थमने के संकेत हैं, लेकिन लड़ाई अभी भी जारी है। ट्रंप के दामाद कुश्नर और दोस्त स्टीव विटकोफ वार्ता में शामिल बताए जा रहे हैं।