क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की नई उम्मीदें जग रही हैं? जानें इस्लामाबाद की भूमिका
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावनाएं
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच, अब एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। दोनों देशों के बीच वार्ता का अगला चरण फिर से शुरू होने की चर्चा तेज हो गई है। इस बार इस्लामाबाद इस कूटनीतिक प्रयास का केंद्र बन सकता है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन हालात संकेत दे रहे हैं कि पर्दे के पीछे महत्वपूर्ण तैयारियां चल रही हैं।
पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट
पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हाल ही में अमेरिकी वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर III विमान रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर उतरे हैं, जो इस्लामाबाद के निकट स्थित है। इसके साथ ही, एयरबेस से रेड जोन तक जाने वाले रास्तों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया है। यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करने का संकेत देता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि किसी बड़े आयोजन की तैयारी चल रही है।
होटलों में गतिविधियों में तेजी
इस्लामाबाद के प्रमुख होटलों में भी गतिविधियां बढ़ गई हैं। विशेष रूप से सेरेना और मैरियट होटल को खाली कराया जा रहा है, और नई बुकिंग पर रोक लगा दी गई है। पहले दौर की बातचीत भी सेरेना होटल में हुई थी, इसलिए संभावना है कि अगली बैठक भी यहीं आयोजित की जाएगी।
सीजफायर समाप्ति से पहले की कूटनीतिक गतिविधियां
अमेरिका और ईरान के बीच लागू युद्धविराम 21 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इस स्थिति में यह सवाल उठता है कि क्या इसे बढ़ाया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वह इस सीजफायर को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। इसी कारण बातचीत में तेजी देखी जा रही है, ताकि समय रहते कोई समाधान निकाला जा सके।
पाकिस्तान की मध्यस्थता
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत भले ही सीधे न हो रही हो, लेकिन पाकिस्तान के माध्यम से दोनों देशों का संपर्क बना हुआ है। सूत्रों का कहना है कि दोनों पक्ष बातचीत से पहले एक साझा समझ बनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि अगली बैठक में सकारात्मक परिणाम निकल सके।
ईरान का सकारात्मक रुख
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोल दिया गया है। इसे एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे क्षेत्र में तनाव कम करने का संकेत मिलता है और बातचीत के लिए माहौल बेहतर बन सकता है।
ट्रंप का संभावित दौरा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटनाक्रम पर सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान के साथ कोई समझौता होता है, तो वह खुद इस्लामाबाद आकर उस पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। उन्होंने पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की है, यह कहते हुए कि इस प्रक्रिया में उसका योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
मीडिया और प्रतिनिधिमंडलों के लिए तैयारियां
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, संभावित वार्ता को ध्यान में रखते हुए प्रतिनिधिमंडलों और मीडिया के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि पाकिस्तान इस बैठक को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
इससे पहले अप्रैल के दूसरे सप्ताह में इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच करीब 21 घंटे तक बातचीत हुई थी। हालांकि उस बैठक में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था, लेकिन पाकिस्तान की पहल पर 8 अप्रैल को दो हफ्तों का युद्धविराम लागू हुआ, जिसने आगे संवाद का रास्ता खोला।
