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क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति फिर से बनेगी? ट्रंप ने दी चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, जिसमें ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरान ने एक नया प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें युद्धविराम और होर्मुज खाड़ी खोलने की बात की गई है। जानें इस प्रस्ताव के मुख्य बिंदु और ट्रंप की प्रतिक्रिया के बारे में। क्या दोनों देशों के बीच स्थायी समझौता संभव है? इस लेख में जानें सभी महत्वपूर्ण जानकारी।
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क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति फिर से बनेगी? ट्रंप ने दी चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव


नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होता नहीं दिख रहा है। युद्ध को दो महीने से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया है। हाल ही में ईरान ने एक नया प्रस्ताव पेश किया, जिसमें तत्काल युद्धविराम और होर्मुज खाड़ी को खोलने का सुझाव दिया गया था, जबकि परमाणु मुद्दे पर चर्चा को बाद के लिए टालने की बात कही गई थी।


ट्रंप का सैन्य कार्रवाई का संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर असंतोष व्यक्त करते हुए सैन्य कार्रवाई की संभावना को फिर से उठाया है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो अमेरिका फिर से हमला कर सकता है, हालांकि उन्होंने प्रस्ताव की समीक्षा करने का भी आश्वासन दिया।


ईरान का नया प्रस्ताव क्या है?

एक गुमनाम ईरानी अधिकारी ने बताया कि ईरान का नया प्रस्ताव तीन मुख्य बिंदुओं पर आधारित है:



  • युद्ध तुरंत समाप्त किया जाए और अमेरिका तथा इजरायल यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में कोई हमला नहीं होगा।

  • ईरान होर्मुज खाड़ी को खोलेगा, इसके बदले अमेरिका अपनी नाकेबंदी हटाएगा।

  • परमाणु मुद्दे पर बातचीत को फिलहाल टाल दिया जाए और इसे बाद में उठाया जाए।


ट्रंप ने प्रस्ताव को क्यों ठुकराया?

शनिवार को ट्रंप ने कहा, "ईरान के मामले में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं। वे डील करना चाहते हैं, लेकिन वे तबाह हो चुके हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि वे ईरान के प्रस्ताव की समीक्षा करेंगे, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि किन शर्तों पर उन्हें आपत्ति है।


परमाणु मुद्दे पर अमेरिका का अडिग रुख

अमेरिका का स्पष्ट रुख है कि जब तक ईरान के परमाणु हथियार बनाने की संभावना समाप्त नहीं होती, तब तक युद्ध समाप्त नहीं होगा। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।


वर्तमान स्थिति

पिछले चार हफ्तों से युद्धविराम लागू है, लेकिन कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका है। ईरान का प्रस्ताव खारिज हो चुका है और दोनों देशों के बीच नाकेबंदी जारी है, जिसका असर वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति पर भी पड़ रहा है।


इस बीच, पाकिस्तान ने मध्यस्थता की कोशिश की है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। अगली बातचीत की तारीख भी स्पष्ट नहीं है।