क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की संभावना बढ़ी? जानें पूरी कहानी
संवेदनशील वार्ता से बढ़ी हलचल
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही संवेदनशील वार्ता ने वैश्विक स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। इस बीच, यह चर्चा हो रही है कि क्या आज युद्धविराम (सीजफायर) की घोषणा की जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका इस प्रक्रिया को गुप्त तरीके से आगे बढ़ा रहा है ताकि सीधे संवाद की स्थिति बनाई जा सके।
कूटनीतिक प्रयासों में शीर्ष नेता शामिल
इस कूटनीतिक प्रयास में अमेरिका के उच्च स्तर के नेता सक्रिय हैं। वर्तमान में, राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर वार्ता का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को तैयार रखा गया है।
बैकचैनल बातचीत की संभावनाएं
सूत्रों के अनुसार, यदि बैकचैनल वार्ता सीधे मुलाकात के स्तर तक पहुंचती है, तो जेडी वेंस इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, "वेंस तैयार हैं। यदि बैकचैनल बातचीत ईरानी अधिकारियों के साथ सीधी मुलाकात के स्तर तक पहुंचती है, तो वे इसमें शामिल होने के लिए तैयार हैं।" इससे स्पष्ट है कि अमेरिका बातचीत को अगले स्तर पर ले जाने के लिए तत्पर है।
ईरान की शर्तों पर अनिश्चितता
हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि ईरान इस बातचीत के बदले में क्या शर्तें या प्रस्ताव रख सकता है। इसी कारण संभावित समझौते को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिका की रणनीति फिलहाल वार्ता को आगे बढ़ाने और स्थिति को नियंत्रण में रखने पर केंद्रित है।
संघर्ष की संभावना
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बातचीत से बड़ा समाधान निकलने की संभावना कम है, खासकर जब ईरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस मांग को मानने से इनकार कर दे, जिसमें उन्होंने मंगलवार रात तक होर्मुज को फिर से खोलने की डेडलाइन दी है। यदि यह मांग पूरी नहीं होती है, तो अमेरिका संघर्ष को और तेज करते हुए ईरान के पुलों और पावर प्लांट्स को निशाना बना सकता है।
ट्रंप का सख्त रुख
अपने दूसरे कार्यकाल में डोनाल्ड ट्रंप पहले भी ईरान के प्रति सख्त रुख अपना चुके हैं। उन्होंने दो बार डेडलाइन तय करते हुए चेतावनी दी थी कि यदि उनकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो सैन्य कार्रवाई की जाएगी। यह रुख मौजूदा बातचीत पर भी दबाव बना रहा है।
कूटनीति का पर्दे के पीछे का खेल
रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि मध्यस्थों के जरिए हो रही बातचीत आगे बढ़ती है, तो जेडी वेंस सीधे ईरानी प्रतिनिधियों से बातचीत में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के हवाले से कहा गया है, "वेंस तैयार बैठे हैं। यदि बैकचैनल बातचीत ईरानी अधिकारियों के साथ सीधी मुलाकात के स्तर तक पहुंचती है, तो वे इसमें शामिल होने के लिए तैयार हैं।" फिलहाल, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ही वार्ता को आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन स्थिति बदलने पर वेंस को इसमें शामिल किया जा सकता है।
बढ़ता सैन्य तनाव
गौरतलब है कि अमेरिका और इज़रायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था। इस दौरान तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इज़रायल के ठिकानों पर हमले करने की घोषणा की। साथ ही बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और यूएई में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।
