क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम संभव है? जानें ताजा स्थिति
युद्धविराम की कोशिशें तेज
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच युद्धविराम की कोशिशें तेज हो गई हैं। अमेरिका ने ईरान को 15 बिंदुओं का एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें युद्ध समाप्त करने की शर्तें शामिल थीं। अब ईरान ने इस प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और 45 दिनों के अस्थायी युद्धविराम की संभावना पर भी चर्चा चल रही है। मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की जैसे देश इस मामले में मध्यस्थता कर रहे हैं।
मसौदा प्रस्ताव और शांति की उम्मीद
इन मध्यस्थ देशों ने रविवार की रात एक मसौदा प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और 45 दिनों के युद्धविराम की मांग की गई है। यह अवधि स्थायी शांति वार्ता के लिए पर्याप्त समय मानी जा रही है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने 15 सूत्री प्रस्ताव को बताया अत्यधिक मांग वाला
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका का 15 बिंदुओं का प्रस्ताव अत्यधिक मांग वाला है। ईरान ने अपनी शर्तों का एक सेट तैयार किया है और उसे औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि बातचीत धमकियों के साथ नहीं हो सकती।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए ओमान के साथ एक प्रोटोकॉल बनाने पर जोर दिया है। इसके अलावा, ईरान ने आशंका जताई है कि इस्फहान में पायलट बचाव अभियान यूरेनियम जब्त करने का एक छलावा हो सकता है। ईरान का मानना है कि युद्धविराम से विरोधी पक्ष को फिर से संगठित होने का अवसर मिल सकता है।
ट्रंप की चेतावनी
ट्रंप ने दी मंगलवार तक की समय सीमा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए कहा है कि यदि मंगलवार तक होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी है कि ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले हो सकते हैं।
ट्रंप लगातार संकेत दे रहे हैं कि युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच हमले जारी हैं। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों को ध्यान में रखते हुए ही कोई निर्णय लेगा।
स्थिति पर वैश्विक नजर
स्थिति पर सभी की नजर
वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। मध्यस्थ देश उम्मीद कर रहे हैं कि 45 दिनों का समय स्थायी युद्धविराम की दिशा में मदद करेगा, लेकिन ईरान ने कहा है कि धमकियों के बीच कोई समझौता संभव नहीं है।
पूरी दुनिया इस तनाव पर नजर रखे हुए है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के तेल परिवहन का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। यदि यह बंद रहता है, तो वैश्विक तेल की कीमतों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
