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क्या अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में ट्रंप की होगी भागीदारी?

इस हफ्ते, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान में ईरान के साथ होने वाली शांति वार्ता में शामिल हो सकते हैं। सीजफायर समाप्त होने के साथ, दोनों पक्षों के बीच वार्ता की संभावना बढ़ रही है। ट्रंप की सख्त शर्तें और ईरान की मांगें इस वार्ता को और भी जटिल बना रही हैं। क्या यह वार्ता सफल होगी? जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में।
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क्या अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में ट्रंप की होगी भागीदारी?

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की संभावित भागीदारी


नई दिल्ली: इस हफ्ते, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान के साथ होने वाली शांति वार्ता में शामिल हो सकते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यदि कोई समझौता होता है, तो ट्रंप या तो व्यक्तिगत रूप से वहां पहुंचेंगे या फिर वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे। पाकिस्तानी सूत्रों ने बताया कि वार्ता की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और यह कल, यानी बुधवार को आयोजित की जाएगी।


सीजफायर का अंत

दो हफ्ते का सीजफायर समाप्त होने वाला है


अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर बुधवार को समाप्त हो रहा है। ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि इसे बढ़ाने की संभावना बहुत कम है। फिर भी, दोनों पक्षों से वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।


ईरान की वार्ता में भागीदारी पर विचार

ईरान वार्ता में शामिल होने पर विचार कर रहा है


पिछले हफ्ते, अमेरिका ने हार्मुज जलडमरूमध्य के पास एक ईरानी जहाज को जब्त किया था, जिसके बाद ईरान ने वार्ता में शामिल न होने की चेतावनी दी थी। हालांकि, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के अनुसार, तेहरान अब वार्ता में शामिल होने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण रख रहा है। फिर भी, कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अमेरिका को विश्वास है कि पाकिस्तान में वार्ता अवश्य होगी।


ट्रंप की शर्तें और ईरान की मांगें

ट्रंप की सख्त शर्तें और ईरान की अपेक्षाएँ


ट्रंप का कहना है कि किसी भी समझौते से तेल की कीमतों और शेयर बाजार को और नुकसान नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने का कोई अवसर नहीं मिलना चाहिए। यदि ईरान उनकी शर्तों को मानने से इनकार करता है, तो अमेरिका ईरान के सभी पुलों और बिजलीघरों को नष्ट कर देगा।


ईरान का कहना है कि वह हार्मुज जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण का लाभ उठाकर ऐसे समझौते की कोशिश कर रहा है, जिसमें युद्ध न हो, प्रतिबंधों में ढील हो, लेकिन उसका परमाणु कार्यक्रम जारी रहे। यदि अमेरिका उसके नागरिक ठिकानों पर हमला करता है, तो ईरान अपने खाड़ी पड़ोसियों के पावर स्टेशनों और डेसालिनेशन प्लांट पर हमला करेगा।


पाकिस्तान की भूमिका

JD वेंस पाकिस्तान पहुंच रहे हैं


पाकिस्तान इस वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। भले ही वार्ता की पुष्टि न हो, पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में सभी आवश्यक तैयारियाँ कर ली हैं। वहां लगभग 20,000 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मंगलवार को ईरान वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंच रहे हैं।


हालांकि दोनों पक्षों से उम्मीदें हैं, लेकिन सीजफायर के समाप्त होने के साथ अनिश्चितता बनी हुई है। यह अगले 24 घंटे में स्पष्ट होगा कि वार्ता सफल होती है या नहीं।