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क्या अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता संभव है? ट्रंप ने जताई उम्मीद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही वार्ताओं को लेकर सकारात्मकता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान अमेरिकी शर्तों का पालन नहीं करता है, तो कोई डील नहीं होगी। ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति ओबामा की डील की आलोचना की और डेमोक्रेट्स पर तीखा हमला किया। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद अब दोनों देश शांति समझौते की ओर बढ़ रहे हैं। जानें इस बातचीत के संभावित परिणाम और इसके पीछे की वजहें।
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क्या अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता संभव है? ट्रंप ने जताई उम्मीद

ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को लेकर जताई सकारात्मकता


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 मई 2026 को ईरान के साथ चल रही वार्ताओं को लेकर आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि समझौता होता है, तो यह 'शानदार और सार्थक' होगा। हालांकि, ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान अमेरिकी शर्तों का पालन नहीं करता है, तो कोई डील नहीं होगी।


ओबामा की डील पर ट्रंप का हमला

रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की 2015 में हुई JCPOA डील की कड़ी आलोचना की। उनके अनुसार, ओबामा प्रशासन की यह डील तेहरान को परमाणु हथियार बनाने का 'सीधा और खुला रास्ता' प्रदान करती थी। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि नई डील उस आपदा के विपरीत होगी।


डेमोक्रेट्स पर तीखा हमला

ट्रंप ने डेमोक्रेट्स को 'डमोक्रेट्स', 'RINOS' और 'मूर्ख' कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को यह समझ नहीं है कि वे ईरान के साथ किस प्रकार का समझौता करने जा रहे हैं। ट्रंप का आरोप है कि डेमोक्रेट्स हमेशा गलत नीतियों का समर्थन करते हैं।


उन्होंने कहा कि ये लोग 'विभाजन पैदा करने और नुकसान पहुंचाने' के अलावा कुछ नहीं करते और उनकी हर जीत की आलोचना करते हैं।


युद्ध के बीच बातचीत की शुरुआत

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव 28 फरवरी को बढ़ गया था, जब सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद संघर्ष शुरू हुआ। अब दोनों देश इसे समाप्त करने के लिए बातचीत कर रहे हैं, हालांकि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अभी भी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है।


परमाणु कार्यक्रम पर मतभेद बरकरार

ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उपयोग के लिए है, जबकि अमेरिका का आरोप है कि तेहरान गुपचुप तरीके से परमाणु हथियार बना रहा है। इजरायल ने भी अमेरिका का समर्थन किया है और मांग की है कि ईरान अपना अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम सौंप दे।


शांति समझौते की उम्मीद

एक्सियोस और फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान शांति समझौते के करीब पहुंच रहे हैं। सीजफायर को दो महीने और बढ़ाने की संभावना है। यदि डील होती है, तो होरमुज जलडमरूमध्य फिर से खोला जा सकता है।


ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील और अमेरिका में जब्त संपत्तियों को मुक्त करने पर भी चर्चा हो रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बातचीत कब परिणाम पर पहुंचती है।