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क्या अमेरिका को भारत को नजरअंदाज करना भारी पड़ेगा? जानें रिच मैककॉर्मिक की राय

रिपब्लिकन सांसद रिच मैककॉर्मिक ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया है। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी दी कि भारत को नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम ला सकता है। मैककॉर्मिक ने भारतीय कंपनियों के अमेरिका में निवेश और भारतीय पेशेवरों की भूमिका की सराहना की। इसके साथ ही, उन्होंने पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंधों में कमी को भी रेखांकित किया। जानें इस महत्वपूर्ण विषय पर उनके विचार और अमेरिका के लिए क्या मायने रखता है।
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क्या अमेरिका को भारत को नजरअंदाज करना भारी पड़ेगा? जानें रिच मैककॉर्मिक की राय

अमेरिका में पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल


नई दिल्ली : अमेरिका के रिपब्लिकन सांसद रिच मैककॉर्मिक ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और उसकी रणनीतिक भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वॉशिंगटन में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, अपनी बड़ी जनसंख्या के बावजूद, अमेरिका में निवेश को आकर्षित करने में असफल रहा है। इसके विपरीत, भारत न केवल अमेरिका से निवेश प्राप्त करता है, बल्कि वहां की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।


भारत को अलग करना अमेरिका के लिए गलत कदम

भारत को अलग करना US के लिए भारी भूल
मैककॉर्मिक ने ट्रंप प्रशासन को चेतावनी दी कि भारत को अलग-थलग करना अमेरिका के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है। उन्होंने कहा कि भारत एक विश्वसनीय साझेदार है और उसे नजरअंदाज करना शांति और स्थिरता के लिए खतरा हो सकता है।


भारत का आर्थिक योगदान

निवेश ही नहीं, अमेरिका में भी पूंजी लगा रहा है भारत
मैककॉर्मिक ने बताया कि भारत केवल एक निवेश प्राप्त करने वाला देश नहीं है, बल्कि भारतीय कंपनियां अमेरिका में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं, जिससे वहां रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां से ऐसा कोई आर्थिक योगदान नहीं मिलता।


भारतीय प्रतिभा का महत्व

भारतीय प्रतिभा अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रीढ़
मैककॉर्मिक ने भारत की मानव संसाधन क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय पेशेवर अमेरिका में तकनीक, स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


पाकिस्तान के साथ आर्थिक संबंधों की कमी

PAK के साथ कोई गहरी आर्थिक साझेदारी नहीं
भारतीय मूल के डेमोक्रेट सांसद एमी बेरा ने भी मैककॉर्मिक की बातों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में गर्मजोशी दिखने के बावजूद, वास्तविक निवेश में कोई वृद्धि नहीं हुई है।


भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव

ट्रंप 2.0 में भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारत और अमेरिका के संबंधों में कुछ खटास आई है। अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीदने के मुद्दे पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया है, जिससे तनाव बढ़ा है।


भारत के रूसी तेल खरीदने का कारण

रूसी तेल पर भारत के रुख की समझ
मैककॉर्मिक ने कहा कि अमेरिका भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने से खुश नहीं है, लेकिन वे इसके पीछे की मजबूरी को समझते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की और कहा कि वे अपने देश के हितों को प्राथमिकता देते हैं।


भारत-अमेरिका संबंधों की तुलना विवाह से

भारत को अनदेखा नहीं किया जा सकता
मैककॉर्मिक ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को विवाह के उदाहरण से समझाया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संतुलित साझेदारी ही दीर्घकालिक लाभकारी होगी।


अमेरिका के लिए भारत की अनदेखी का खतरा

भारत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
मैककॉर्मिक का संदेश स्पष्ट था: भारत को नजरअंदाज करना अमेरिका के लिए गंभीर रणनीतिक और आर्थिक समस्याएं पैदा कर सकता है। दूसरी ओर, पाकिस्तान अब भी अमेरिकी निवेश के मामले में पीछे है।