क्या इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या हुई? जानें सचाई
सोशल मीडिया पर फैली अफवाह
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक अफवाह ने हलचल मचा दी है। कई पोस्ट में यह दावा किया गया कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या हो गई है। हालांकि, कुछ समय बाद उनके कार्यालय ने इस खबर को पूरी तरह से झूठा बताया।
प्रधानमंत्री कार्यालय का स्पष्टीकरण
शनिवार को नेतन्याहू के कार्यालय ने एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें पूरी तरह से फर्जी हैं। बयान में स्पष्ट किया गया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित हैं और उनके साथ कोई घटना नहीं हुई है। यह स्पष्टीकरण उस समय आया जब तुर्की की अनादोलू एजेंसी से जुड़े कुछ दावों के आधार पर चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
वीडियो से शुरू हुई नई अटकलें
इस अफवाह को और बल मिला जब शुक्रवार को नेतन्याहू ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में वे इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर मीडिया से बात करते हुए नजर आए।
वीडियो पोस्ट होने के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि भाषण के दौरान नेतन्याहू के हाथ में छह उंगलियां दिखाई दे रही हैं। वीडियो के 35 सेकंड के हिस्से में उनकी छोटी उंगली के पास एक अतिरिक्त मांस का हिस्सा दिखाई देता है, जिसे कुछ लोगों ने 'छठी उंगली' बताते हुए कहा कि यह कृत्रिम रूप से बनाए गए वीडियो का संकेत हो सकता है।
एआई वीडियो होने की चर्चा
कई यूजर्स ने इसे 'एआई फिंगर ग्लिच' कहा। आमतौर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बनाई गई तस्वीरों या वीडियो में हाथ और उंगलियों से जुड़ी ऐसी गड़बड़ियां दिखाई देती हैं। इसी कारण कुछ लोगों ने दावा किया कि यह वीडियो असली नहीं बल्कि एआई से बनाया गया हो सकता है।
अमेरिका की रूढ़िवादी टिप्पणीकार कैंडेंस ओवेन्स ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए पूछा कि नेतन्याहू कहां हैं और उनका कार्यालय कथित एआई वीडियो क्यों जारी कर रहा है। उनके इस सवाल के बाद अफवाहें और तेजी से फैलने लगीं।
वीडियो की पृष्ठभूमि पर भी उठे सवाल
कुछ यूजर्स ने वीडियो के बैकग्राउंड को लेकर भी शंका जताई। उन्होंने कहा कि वीडियो में पीछे लगे पर्दे एक ही तरह के पैटर्न में हिलते दिखाई दे रहे हैं, मानो दृश्य बार-बार दोहराया जा रहा हो। इसके अलावा, दो इजरायली झंडे लगभग स्थिर दिखाई दे रहे थे, जिससे कुछ लोगों ने वीडियो के साथ छेड़छाड़ होने की बात कही। हालांकि, कई अन्य लोगों ने इन दावों को खारिज किया। उनका कहना था कि आजकल कई सरकारी और टीवी प्रसारणों में डिजिटल या वर्चुअल बैकग्राउंड का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे ऐसी दृश्य असमानताएं दिखाई दे सकती हैं।
ईरान पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
इन अफवाहों के फैलने का समय भी काफी संवेदनशील है। हाल ही में क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ा है। 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला किया था, जिसमें ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई। ईरान ने इजरायल और उसके सहयोगी देशों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किए।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ी चिंता
तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है। सामान्य परिस्थितियों में हर दिन करीब 2 करोड़ बैरल तेल इसी रास्ते से दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचता है। इसके अलावा, वैश्विक तरलीकृत प्राकृतिक गैस व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा भी इसी मार्ग से गुजरता है। ऐसे में इस रास्ते के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
