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क्या ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य योजना से बढ़ेगा युद्ध का खतरा?

मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। हाल ही में आई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पेंटागन ने ट्रंप को ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई को हटाने की योजना दी है। ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है कि उसके पास परमाणु समझौते के लिए सीमित समय है। अमेरिका ने खाड़ी में अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा दी है, जबकि ईरान ने भी अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। क्या यह तनाव युद्ध की ओर बढ़ रहा है? जानें इस लेख में।
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क्या ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य योजना से बढ़ेगा युद्ध का खतरा?

मध्य पूर्व में तनाव की नई परतें


नई दिल्ली : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने एक गंभीर मोड़ ले लिया है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है, जिसमें कहा गया है कि पेंटागन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई और उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को हटाने की एक विस्तृत योजना प्रस्तुत की है। व्हाइट हाउस की चुप्पी और ट्रंप का आक्रामक रुख तेहरान में शासन परिवर्तन की अटकलों को बढ़ावा दे रहा है।


गुप्त योजना का खुलासा

अमेरिकी समाचार स्रोत एक्सियोस के अनुसार, पेंटागन ने कुछ सप्ताह पहले ट्रंप को यह योजना सौंपी थी। इस सैन्य प्रस्ताव में खामेनेई, उनके बेटे और अन्य प्रमुख धार्मिक नेताओं को सत्ता से बेदखल करने के कठोर विकल्प शामिल हैं। राष्ट्रपति के सलाहकारों का कहना है कि पेंटागन ने हर संभावित स्थिति के लिए रणनीतिक ब्लूप्रिंट तैयार किया है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय केवल राष्ट्रपति ट्रंप ही लेंगे कि उन्हें क्या कदम उठाना है।


परमाणु समझौते पर ट्रंप का अल्टीमेटम

ट्रंप ने ईरान में शासन परिवर्तन को सबसे अच्छा विकल्प बताते हुए ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि परमाणु समझौते के लिए ईरान के पास अब केवल 10 से 15 दिनों का समय बचा है। अमेरिका की मांग है कि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन को पूरी तरह से बंद करे, मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करे और क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों को समर्थन देना छोड़ दे। हालांकि जेनेवा में ओमान की मध्यस्थता से बातचीत का दूसरा दौर पूरा हुआ है, लेकिन पूर्ण समझौते की उम्मीद बहुत कम है।


खाड़ी में सैन्य शक्ति का प्रदर्शन

सैन्य मोर्चे पर अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाते हुए दो शक्तिशाली विमान वाहक समूहों को तैनात कर दिया है। इसके जवाब में, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में लाइव-फायर नौसेना अभ्यास करके अपनी शक्ति दिखाई है। ईरान के आईआरजीसी कमांडर ने चेतावनी दी है कि वे दुनिया की तेल आपूर्ति के इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को बंद कर सकते हैं। खामेनेई ने अमेरिकी युद्धपोतों को चुनौती देते हुए कहा है कि उनके पास उन्हें डुबोने के लिए अत्याधुनिक और अचूक हथियार मौजूद हैं।


युद्ध की आशंका और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

ईरान में युद्ध की बढ़ती आहट को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय बेहद सतर्क हो गया है। पोलैंड और जर्मनी ने अपने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सख्त सलाह दी है। वहीं, ब्रिटेन ने अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ करने की अमेरिकी मांग को ठुकरा कर अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। कूटनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी गर्म है कि ट्रंप प्रशासन शासन परिवर्तन के बाद निर्वासित ईरानी राजकुमार रेजा पहलवी को एक संक्रमणकालीन व्यवस्था के तहत बड़ी भूमिका सौंपने पर विचार कर रहा है।


युद्ध का खतरा और संभावित परिणाम

ईरान के राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि युद्ध किसी भी देश के हित में नहीं होगा और इससे केवल तबाही आएगी। हालांकि, तेहरान ने कुछ मार्गदर्शक सिद्धांतों पर सहमति जताई है, लेकिन अमेरिका की कड़ी शर्तों ने समझौते की राह को मुश्किल बना दिया है। यह समय न केवल मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया के लिए अत्यंत नाजुक है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि क्षेत्र में शांति बहाल होगी या दुनिया एक और भीषण और विनाशकारी युद्ध की गवाह बनेगी।