क्या ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई फिर से भूमिगत बंकर में छिपे हैं? जानें कारण
खामेनेई का भूमिगत बंकर में शरण लेना
नई दिल्ली: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के फिर से भूमिगत बंकर में जाने की खबरें पश्चिम एशिया में तनाव को बढ़ा रही हैं। यह कदम अमेरिका की संभावित हमलों और हत्या की धमकियों के चलते उठाया गया है। यह खामेनेई का सात महीनों में दूसरा मौका है जब उन्हें सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक जीवन से दूर रहना पड़ा है। इससे पहले, जून 2025 में, वे लगभग तीन सप्ताह तक बंकर में छिपे रहे थे।
अमेरिकी धमकियों का गंभीरता से लेना
अमेरिकी धमकियों को ईरान ने लिया गंभीरता से
बीबीसी फारसी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति ने खामेनेई की तुलना कासिम सुलेमानी और आईएस प्रमुख अबू बक्र अल-बगदादी से की थी, जिसके बाद ईरान ने इसे गंभीर खतरे के रूप में लिया। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने स्पष्ट किया है कि यदि खामेनेई पर हमला होता है, तो इसे तेहरान सीधे युद्ध की कार्रवाई मानेगा।
ईरान की चिंताएँ
अमेरिका से ईरान की आशंका क्यों बढ़ी
ईरान की चिंताएँ हाल की अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से भी जुड़ी हैं। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने तेहरान को चौंका दिया है। मादुरो को उनके निवास से हिरासत में लिया गया और अमेरिका ले जाया गया। इस घटना ने ईरान को यह संकेत दिया कि अमेरिका किसी भी देश के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
खामेनेई का गुप्त बंकर
तेहरान के पास गुप्त बंकर में रह रहे हैं खामेनेई
जून 2025 में जब ईरान पर इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले हुए थे, उस समय भी खामेनेई ने तेहरान के आसपास एक सुरक्षित बंकर में शरण ली थी। उस समय उनके परिवार के सदस्य भी उनके साथ थे। ईरानी सरकार ने इन बंकरों के स्थान या संरचना के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है, लेकिन माना जाता है कि ये अत्याधुनिक सुरक्षा से लैस हैं।
सार्वजनिक जीवन से दूरी
लंबे समय से सार्वजनिक जीवन से दूर सुप्रीम लीडर
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, खामेनेई 17 जनवरी को आखिरी बार सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए थे। उस दिन उन्होंने अमेरिका और इजराइल की नीतियों की आलोचना की थी। इसके बाद से वे किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं आए हैं, जिससे उनके बंकर में छिपे होने की अटकलें बढ़ गई हैं।
खामेनेई पर अमेरिका का ध्यान
अमेरिका के निशाने पर क्यों हैं खामेनेई
अयातुल्ला खामेनेई ईरान की सत्ता का केंद्र हैं। देश की सैन्य, राजनीतिक और धार्मिक शक्तियाँ उनके नियंत्रण में हैं। इसलिए, ईरानी शासन को कमजोर करने के लिए उन्हें निशाना बनाना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, खामेनेई लंबे समय से अमेरिका के कट्टर विरोधी रहे हैं और 2016 की परमाणु संधि का भी उन्होंने विरोध किया था।
अमेरिकी घेराबंदी
ईरान के चारों ओर अमेरिकी घेराबंदी तेज
हालांकि ईरान में दिसंबर के अंत में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब शांत हो चुके हैं, लेकिन अमेरिकी सैन्य दबाव लगातार बना हुआ है। अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है और यूएसएस अब्राहम जैसे युद्धपोतों को तैनात किया गया है। फ्लाइट रडार से जुड़ी जानकारियों के अनुसार, एफ-15 लड़ाकू विमानों की तैनाती भी की गई है।
ईरान-अमेरिका संबंधों की नाजुकता
ईरान-अमेरिका संबंध बेहद नाजुक
खामेनेई का फिर से बंकर में जाना इस बात का संकेत है कि ईरान-अमेरिका संबंध बेहद नाजुक दौर में हैं। यदि किसी भी स्तर पर सीधी कार्रवाई होती है, तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया पर पड़ सकता है। फिलहाल, दुनिया की नजरें तेहरान और वॉशिंगटन की अगली चाल पर टिकी हुई हैं।
