क्या पाकिस्तान और हमास के बीच गुप्त संबंध हैं? बलोच नेता का इजरायल को खत
पाकिस्तान के आतंकवाद को बढ़ावा देने का नया खुलासा
दुनिया भर में पाकिस्तान की आतंकवाद को समर्थन देने की पुरानी आदत को सभी जानते हैं, लेकिन हाल ही में एक नई जानकारी ने हलचल मचा दी है। बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने इजरायल को एक पत्र भेजकर पाकिस्तान और फिलिस्तीनी संगठन हमास के बीच के गुप्त संबंधों का खुलासा किया है।
क्या इजरायल के लिए पाकिस्तान एक नया दुश्मन बन सकता है?
यदि यह दावा सही साबित होता है, तो इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पाकिस्तान को एक दुश्मन के रूप में देख सकते हैं। नेतन्याहू पहले ही हमास को समाप्त करने की कसम खा चुके हैं और उसके समर्थकों को चेतावनी दे चुके हैं। यह मामला वैश्विक स्तर पर तनाव को और बढ़ा सकता है।
पाकिस्तान में हमास की गतिविधियों का खुलासा
पाकिस्तान में हमास के सदस्यों को शरण देने की खबरें पहले भी आई हैं, लेकिन बलोच नेता ने ठोस सबूत पेश किए हैं। उनके अनुसार, पाकिस्तान न केवल हमास को वैचारिक समर्थन दे रहा है, बल्कि व्यावहारिक मदद भी पहुंचा रहा है।
हमास के लड़ाके पाकिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में छिपे हुए हैं और वहीं से अपनी साजिशें चला रहे हैं। यह जानकारी इजरायल तक पहुंचने से पाकिस्तान की स्थिति और भी कठिन हो सकती है, क्योंकि इजरायल हमास को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता है।
मीर यार बलोच का इजरायल को खत
मीर यार बलोच ने इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार को संबोधित करते हुए एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने पाकिस्तान-हमास के गठजोड़ का विस्तार से उल्लेख किया और कहा कि यह न केवल इजरायल के लिए खतरा है, बल्कि वैश्विक शांति को भी प्रभावित कर रहा है।
बलोच ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान जैसे देशों के समर्थन से आतंकवादी संगठन मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने इजरायल से अपील की है कि इस मामले पर ध्यान दें और आवश्यक कदम उठाएं। यह पत्र 29 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था और सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया।
नेतन्याहू की सख्त चेतावनी
इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने कई बार कहा है कि हमास का सफाया उनका मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह घोषणा की है कि जो भी देश हमास को पैसे, हथियार या शरण देगा, उसे इजरायल अपना दुश्मन समझेगा।
हमास को ईरान का समर्थित संगठन मानते हुए नेतन्याहू ने ईरान पर भी हमले किए हैं। यदि पाकिस्तान का नाम इस सूची में जुड़ता है, तो इजरायल की ओर से सैन्य कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है। बलोच नेता के पत्र से नेतन्याहू को हमास के पाकिस्तान संबंधों की पूरी जानकारी मिल गई है।
वैश्विक शांति पर प्रभाव
यह मामला केवल इजरायल और पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। बलोच नेता ने पत्र में लिखा है कि पाकिस्तान का हमास को समर्थन वैश्विक आतंकवाद की जड़ों को मजबूत कर रहा है। ईरान, पाकिस्तान और हमास का गठजोड़ मध्य पूर्व से लेकर दक्षिण एशिया तक अस्थिरता फैला सकता है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है, अन्यथा आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई कमजोर पड़ जाएगी। पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट में है और यदि इजरायल की ओर से कोई कार्रवाई होती है, तो उसकी स्थिति और भी खराब हो सकती है।
