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क्या पाकिस्तान की मध्यस्थता में आई रुकावट? अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत का नया दौर

पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता का प्रयास किया, लेकिन यह असफल रहा। ईरान ने पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया और अब दोनों देश सीधे बातचीत कर रहे हैं। ट्रंप ने ईरान से सीधे संपर्क को बेहतर विकल्प बताया है। इस बीच, ट्रंप और पुतिन के बीच भी महत्वपूर्ण बातचीत हुई है। ईरान के सांसद ने पाकिस्तान की मध्यस्थता पर सवाल उठाए हैं। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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क्या पाकिस्तान की मध्यस्थता में आई रुकावट? अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत का नया दौर

पाकिस्तान की मध्यस्थता का प्रयास


नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने मध्यस्थता का प्रयास किया, लेकिन यह प्रयास असफल रहा है। ईरान ने पाकिस्तान पर भरोसा करने से इनकार कर दिया है, जिसके चलते पाकिस्तान अब इस भूमिका से पूरी तरह बाहर हो गया है। अब दोनों देश सीधे फोन पर संवाद कर रहे हैं।


ट्रंप का स्पष्ट संदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान से सीधे संपर्क करना पाकिस्तान के माध्यम से बातचीत करने से बेहतर है। ट्रंप ने हाल की बातचीत को सकारात्मक बताया और स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा।


ट्रंप और पुतिन के बीच संवाद

ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी फोन पर बातचीत की, जो 90 मिनट से अधिक चली। क्रेमलिन ने इसे उपयोगी और मित्रवत बताया। दोनों नेताओं ने ईरान के मुद्दे, यूक्रेन विवाद और अन्य वैश्विक विषयों पर चर्चा की, जिसमें पुतिन ने ईरान के संदर्भ में कुछ सुझाव भी दिए।


ईरान की पाकिस्तान पर टिप्पणी

ईरानी सांसद इब्राहिम रेजाई ने कहा कि पाकिस्तान मध्यस्थता के लिए विश्वसनीय नहीं है क्योंकि वह अमेरिका के सामने झुकता है। हालांकि, उन्होंने पाकिस्तान को एक अच्छा पड़ोसी और मित्र माना, लेकिन मध्यस्थता के लिए अनुपयुक्त बताया। रेजाई ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अक्सर ट्रंप के हितों का समर्थन करता है।


भारत के साथ ईरान की बातचीत

इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से फोन पर बात की। दोनों ने होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति, सीजफायर और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। ईरान ने भारत को होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। दोनों पक्षों ने भविष्य में संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।




अमेरिका की नई रणनीति

पाकिस्तान की मध्यस्थता विफल होने के बाद, अमेरिका अब ईरान के साथ सीधी बातचीत पर जोर दे रहा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता को काफी कमजोर किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन स्थिति अभी भी जटिल बनी हुई है।