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क्या पाकिस्तान की मध्यस्थता से बदल जाएगा अमेरिका-ईरान का युद्ध का रुख?

पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने युद्ध के उद्देश्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब ध्यान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर है। इस बीच, ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और हमलों को तेज कर दिया है। क्या पाकिस्तान की पहल से युद्ध का रुख बदल सकता है? जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
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क्या पाकिस्तान की मध्यस्थता से बदल जाएगा अमेरिका-ईरान का युद्ध का रुख?

पाकिस्तान का नया रुख


नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने एक अलग दृष्टिकोण अपनाया है। जहां वह अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश कर रहा है, वहीं उसने अमेरिका पर कटाक्ष करते हुए युद्ध के उद्देश्य पर सवाल उठाए हैं।


रक्षा मंत्री का बयान

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि युद्ध का ध्यान अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर केंद्रित हो गया है, जो पहले खुला था। उनका यह बयान उस समय आया है जब पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेज़बानी की पेशकश की है।


ट्रंप की अपील

हाल ही में, डोनाल्ड ट्रंप ने देशों से अपील की थी कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए एकजुट हों। यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग ईरान द्वारा युद्ध के दौरान बंद कर दिया गया था, जिससे कई देशों में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई।


ईरान का ठुकराना

ईरान ने पश्चिम एशिया में युद्धविराम के अमेरिकी प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है और अपने हमलों को तेज कर दिया है। एक सरकारी चैनल ने बताया कि ईरान युद्ध तभी समाप्त करेगा जब उसकी शर्तें पूरी होंगी।


कुवैत पर हमला

ईरान ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया, जिससे वहां आग लग गई। यह घटना तब हुई जब इजरायल ने तेहरान पर हवाई हमले किए और अमेरिका ने क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिकों को तैनात किया।


पाकिस्तान के माध्यम से प्रस्ताव

रिपोर्ट के अनुसार, 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना पाकिस्तान के जरिए ईरान को सौंपी गई। इस प्रस्ताव में कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे, जैसे कि:


  • प्रतिबंधों में राहत
  • परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना
  • मिसाइलों की सीमा तय करना
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना


यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है।


ट्रंप का दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि ईरान ने परमाणु हथियार न रखने पर सहमति जताई है और अमेरिका को एक 'महत्वपूर्ण सौगात' भेजी है। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि हम सही लोगों से बातचीत कर रहे हैं।


ट्रंप ने यह भी कहा कि यह तोहफा परमाणु हथियार से संबंधित नहीं है, बल्कि तेल और गैस से जुड़ा है। उन्होंने यह दावा भी किया कि ईरान के खिलाफ युद्ध में जीत हासिल हो चुकी है।